

बिलासपुर संभाग में अमरनाथ यात्रा पंजीयन के एकमात्र केंद्र पंजाब नेशनल बैंक, सदर बाजार में पहले ही दिन भारी अव्यवस्था देखने को मिली। बुधवार को पंजीयन शुरू होते ही सैकड़ों श्रद्धालु बैंक पहुंच गए, जिससे हालात बेकाबू हो गए। भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच बैंक का कांच का गेट तक टूट गया, जिसके बाद स्थिति संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु रात 2 बजे से ही लाइन में लगने लगे थे। सुबह बैंक खुलने तक करीब 300 लोग कतार में खड़े थे। हालांकि तकनीकी दिक्कतों के कारण दोपहर 12 बजे तक पंजीयन शुरू नहीं हो सका। सर्वर चालू होने के बाद भी शाम 4 बजे तक मात्र 33 लोगों का ही पंजीयन हो पाया, जबकि बैंक ने प्रतिदिन 100 लोगों के पंजीयन का लक्ष्य रखा है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने श्रद्धालुओं को पास की पार्किंग में शिफ्ट कर उनके फॉर्म एकत्रित किए और क्रमवार बुलाने की व्यवस्था बनाई। इसके बावजूद दिनभर बैंक के बाहर लंबी कतार लगी रही। कई श्रद्धालु घंटों तक भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहे। पंजीयन के लिए बिलासपुर के अलावा पेंड्रा, जांजगीर, कोटा, रतनपुर और सीपत सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अनुसार इस वर्ष यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक 57 दिनों तक चलेगी। ट्रेन आरक्षण 3 मई से प्रारंभ होगा। पिछले वर्ष यात्रा समय से पहले समाप्त होने के कारण बिलासपुर संभाग के केवल 1200 श्रद्धालु ही दर्शन कर पाए थे, जबकि इस बार संख्या 3000 से अधिक होने की संभावना है।
बैंक में अव्यवस्था की बड़ी वजह अधिकारियों का तबादला बताया जा रहा है। शाखा प्रबंधक और अन्य अधिकारियों के स्थानांतरण के चलते नए प्रबंधक ने अभी तक कार्यभार नहीं संभाला है, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं। फिलहाल बैंक जूनियर अधिकारियों के भरोसे संचालित हो रहा है।
पीएनबी के डिप्टी सर्किल हेड दिव्य रंजन नायक ने बताया कि शुरुआती दिन कुछ समस्याएं आईं, लेकिन अब व्यवस्था सुधारी जा रही है। श्रद्धालुओं के फॉर्म जमा कर लिए गए हैं और प्रतिदिन 100 लोगों के पंजीयन की व्यवस्था बनाई जा रही है। साथ ही नए शाखा प्रबंधक 20 अप्रैल तक कार्यभार संभाल लेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर व्यक्तिगत या समूह पंजीयन किया जा सकता है, जिसमें पहचान पत्र और मेडिकल सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य है।
गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा को लेकर इस बार युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है, लेकिन पंजीयन व्यवस्था में सुधार की जरूरत साफ नजर आई है, ताकि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
