नजूल जमीन पर फिर कब्जा: तहसीलदार के तबादले के बाद दोबारा शुरू हुआ निर्माण, निगम की भूमिका पर सवाल


बिलासपुर। शहर में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वार्ड क्रमांक 12, मदर टेरेसा वार्ड स्थित जरहाभाठा मंदिर चौक के पास नजूल भूमि पर एक बार फिर अवैध निर्माण शुरू हो गया है। हैरानी की बात यह है कि पहले इस जमीन पर कब्जे की पुष्टि हो चुकी है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, नजूल शीट नंबर 4 के भूखंड क्रमांक 68/8 के रूप में दर्ज यह जमीन आम रास्ते के रूप में उपयोग में आती है। आरोप है कि मोना राय नामक व्यक्ति द्वारा बिना सीमांकन और नक्शा पास कराए इस जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है। पहले फाउंडेशन बनाया गया, फिर दीवारें खड़ी की गईं और अब लेंटर डालने की तैयारी चल रही है।
इस मामले की शिकायत पूर्व में कलेक्टर से की गई थी। शिकायत के बाद तत्कालीन नजूल तहसीलदार शिल्पा भगत ने स्थल निरीक्षण कर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण की पुष्टि की थी और राजस्व निरीक्षक को सीमांकन के निर्देश दिए थे। हालांकि, उनके रतनपुर तबादले के बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसी का फायदा उठाकर कब्जाधारी ने दोबारा तेजी से निर्माण शुरू कर दिया।
दो विभागों के बीच फंसी कार्रवाई
नजूल विभाग द्वारा तहसीलदार बिलासपुर और नगर निगम को कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखा गया था, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे नगर निगम के भवन शाखा के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नोटिस के बाद भी जारी निर्माण
नगर निगम की ओर से संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने की बात कही गई है। निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे के अनुसार, जवाब मिलने के बाद तथ्यों की समीक्षा कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जमीन पर निर्माण कार्य लगातार जारी है, जिससे प्रशासन की निष्क्रियता साफ नजर आ रही है।
रास्ते की जमीन पर अतिक्रमण
बताया जा रहा है कि यह नजूल भूमि दो निजी भूखंडों के बीच आम रास्ते के रूप में उपयोग होती है। शिकायतकर्ता ने नवंबर 2024 में इससे सटी अपनी जमीन खरीदी थी। अब इस रास्ते पर कब्जा होने से आने-जाने में दिक्कतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है।

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