

बिलासपुर। सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर नकेल कसने के लिए एडवांस ब्रीथ एनालाइजर मशीनें लाई गई हैं, जो बिना फूंक मारे ही केवल गंध के आधार पर शरीर में मौजूद अल्कोहल की मात्रा का पता लगा लेंगी।
शनिवार को पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में आयोजित एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले भर के यातायात पुलिस और थानों के जवानों को इन हाई-टेक उपकरणों के उपयोग की ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि अब कार्रवाई केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल और इंटेलिजेंट सिस्टम के जरिए नियम तोड़ने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
डिजिटल सिस्टम से होगी निगरानी
प्रशिक्षण में जवानों को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, नेक्स्ट जेन एम-परिवहन पोर्टल और सिटीजन पोर्टल के उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अब पीओएस मशीनों के माध्यम से मौके पर ही चालान काटकर उसका डेटा सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और कार्रवाई की गति दोनों बढ़ेंगी।
हादसे की स्थिति में सख्त कार्रवाई
एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जवानों को निर्देश दिए कि तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए नियम तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शराब के नशे में वाहन चलाते हुए कोई हादसा होता है, तो संबंधित चालक का जेल जाना तय है।
सबूत के तौर पर इस्तेमाल होगा डेटा
एएसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने बताया कि अब केवल मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई ही नहीं होगी, बल्कि एल्कोमीटर (ब्रीथ एनालाइजर) से प्राप्त डेटा को विवेचना में साक्ष्य के रूप में पेश किया जाएगा। इसके आधार पर अन्य कानूनी धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं, जिससे दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
तकनीक से बढ़ेगी सख्ती, सड़कें होंगी सुरक्षित
पुलिस का मानना है कि इस नई तकनीक के इस्तेमाल से न केवल शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर लगाम लगेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। अब बिना फूंके ही जांच संभव होने से जांच प्रक्रिया तेज और अधिक प्रभावी हो जाएगी।
