एफसीआई ने चावल उठाव शुरू नहीं किया, गोदाम फुल होने से मिलर परेशान; तीन माह का राशन एकमुश्त बांटने का फैसला


बिलासपुर। जिले में चावल भंडारण को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा अब तक चावल का उठाव शुरू नहीं किए जाने से राइस मिलर्स परेशान हैं, वहीं सरकारी गोदामों में जगह की भारी कमी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि गोदामों की 53 प्रतिशत क्षमता पहले से भरी हुई है, जिसके चलते प्रशासन ने राशनकार्ड धारियों को एकमुश्त तीन माह का चावल वितरण शुरू कर दिया है।
खाद्य विभाग के अनुसार अप्रैल, मई और जून माह का चावल एक साथ देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए जिले को 4 लाख 86 हजार 846 क्विंटल चावल का आवंटन किया गया है। इस फैसले के पीछे मुख्य उद्देश्य गोदामों में जगह खाली करना है, ताकि नए सीजन का चावल रखा जा सके।
गोदामों में जगह की कमी, मिलिंग जारी
जिले के राइस मिलर्स लगातार धान की मिलिंग कर रहे हैं, लेकिन तैयार चावल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही। एफसीआई द्वारा चावल का उठाव शुरू नहीं किए जाने से समस्या और गंभीर हो गई है। नान (नागरिक आपूर्ति निगम) के गोदाम भी लगभग भरे हुए हैं।
जिले में कुल 6 प्रमुख गोदाम हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 7 लाख 1 हजार 680 क्विंटल है। वर्तमान में इनमें से 3 लाख 68 हजार 832 क्विंटल चावल पहले से ही भंडारित है, यानी 52.67 प्रतिशत गोदाम भर चुके हैं।
बिल्हा गोदाम सबसे ज्यादा भरा
गोदामवार स्थिति देखें तो बिल्हा में सबसे ज्यादा 80.49 प्रतिशत भंडारण हो चुका है, जहां अब केवल 19.51 प्रतिशत जगह ही खाली बची है। इसके अलावा करगीरोड, लिंगियाडीह, तखतपुर, जयरामनगर और सैदा के गोदामों में भी धीरे-धीरे जगह कम होती जा रही है, हालांकि वहां बिल्हा की तुलना में थोड़ी राहत है।
रणनीति के तहत तीन माह का राशन वितरण
प्रशासन के सामने चुनौती यह थी कि यदि पुराने स्टॉक को जल्द बाहर नहीं निकाला गया, तो मिलिंग के बाद आने वाले नए चावल को रखने की जगह नहीं बचेगी। इसी वजह से एकमुश्त तीन माह का चावल बांटने का निर्णय लिया गया है। इससे गोदामों में बड़ी मात्रा में जगह खाली होने की उम्मीद है।
हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए यह निर्णय राहत भरा है, क्योंकि उन्हें बार-बार राशन दुकान जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
697 राशन दुकानें अब सोमवार को भी खुलेंगी
जिले में कुल 5 लाख 434 राशनकार्डधारी परिवारों को 30 अप्रैल तक तीन माह का चावल वितरण करना है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले की 697 शासकीय उचित मूल्य दुकानों को सोमवार को भी खोलने का निर्णय लिया गया है, जबकि सामान्यतः इस दिन दुकानें बंद रहती हैं।
हालांकि इस दिन मशीनों के संचालन को लेकर संशय बना हुआ है।
एपीएल कार्डधारियों को सिर्फ एक माह का राशन
खाद्य विभाग के अनुसार जिले के 71,648 एपीएल कार्डधारी परिवारों को केवल अप्रैल माह का ही राशन दिया जाएगा।
एफसीआई के पास भी जगह की कमी
फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने बताया कि एफसीआई के पास भी वर्तमान में पर्याप्त भंडारण क्षमता नहीं है, जिसके कारण वह नए सीजन का चावल नहीं ले पा रही है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से उम्मीद है कि जल्द ही गोदाम खाली होंगे और एफसीआई चावल का उठाव शुरू कर सकेगी।
स्थिति चुनौतीपूर्ण, अस्थायी राहत जिले में चावल भंडारण की समस्या फिलहाल गंभीर बनी हुई है। एकमुश्त राशन वितरण से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन यदि एफसीआई जल्द उठाव शुरू नहीं करता, तो आने वाले समय में यह संकट और गहरा सकता है।

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