

बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय में शुक्रवार को यातायात पुलिस द्वारा विशेष ‘यातायात की पाठशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई और उपस्थित अध्यापकों को नियमों के प्रचार-प्रसार के लिए ब्रांड एंबेसडर बनाया गया।
यह आयोजन विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के एक सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत किया गया। कार्यक्रम पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा नियम, सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण, उनके निवारण, राहगीर योजना तथा ITMS (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के लगभग 100 प्राध्यापक एवं प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे। NSS के कार्यक्रम समन्वयक मनोज सिन्हा भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
यातायात विभाग की ओर से मास्टर ट्रेनर उमाशंकर पांडे सहित अन्य अधिकारियों ने प्रशिक्षण देते हुए बताया कि वर्तमान में यातायात नियमों के उल्लंघन में युवाओं की भागीदारी अधिक देखी जा रही है। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे विद्यार्थियों को न केवल विषयगत शिक्षा दें, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों और सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूक करें।
कार्यक्रम में तेज गति से वाहन चलाना, स्टंट करना, मॉडिफाइड साइलेंसर, हूटर और प्रेशर हॉर्न के दुरुपयोग जैसी प्रवृत्तियों पर चिंता जताई गई। शिक्षकों से अपील की गई कि वे छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें और यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूकता फैलाएं।
अंत में यातायात पुलिस ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे सड़क पर चलते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि शहर में सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
