

बिलासपुर। जिले में आगामी जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पहले चरण में 1 से 30 मई के बीच हाउस लिस्टिंग सर्वे किया जाएगा, जिसमें कर्मचारियों की टीम घर-घर जाकर 33 प्रकार की जानकारी एकत्र करेगी। इस बार सर्वे पूरी तरह डिजिटल होगा और मोबाइल एप के माध्यम से डेटा दर्ज किया जाएगा।
मकान से जुड़ी हर जानकारी होगी दर्ज
सर्वे के दौरान कर्मचारियों द्वारा मकान की स्थिति और संरचना से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें यह पूछा जाएगा कि मकान पक्का, कच्चा या अर्ध-पक्का है, वह किराए का है या स्वयं का, उसमें कितने परिवार निवास करते हैं और कुल कमरों की संख्या कितनी है।
इसके अलावा दीवार, छत और फर्श में उपयोग की गई निर्माण सामग्री, मकान की स्थिति, अलग रसोई की उपलब्धता और मकान का उपयोग—आवासीय, व्यावसायिक या मिश्रित—भी दर्ज किया जाएगा।

परिवार और सुविधाओं का भी होगा पूरा ब्यौरा
हाउस लिस्टिंग के दौरान परिवार से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का विवरण और आजीविका का मुख्य स्रोत शामिल है।
साथ ही पेयजल का स्रोत, पानी की उपलब्धता, शौचालय और उसके प्रकार, बाथरूम तथा गंदे पानी की निकासी व्यवस्था की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
एलपीजी, बिजली और डिजिटल सुविधाओं पर भी फोकस
सर्वे में यह भी पूछा जाएगा कि घर में बिजली कनेक्शन है या नहीं और खाना बनाने के लिए एलपीजी, लकड़ी या कोयले में से किसका उपयोग किया जाता है।
इसके साथ ही मोबाइल फोन, इंटरनेट, टीवी, रेडियो, कंप्यूटर या लैपटॉप जैसी संचार सुविधाओं की उपलब्धता और साइकिल, दोपहिया या चारपहिया वाहन की जानकारी भी एकत्र की जाएगी।
परिवार के बैंक खाते और सरकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित जानकारी भी इस सर्वे का हिस्सा होगी।
निकायों को मिलेगा सही टैक्स बेस
सहायक जनगणना अधिकारी झील जायसवाल के अनुसार इस सर्वे से जिले में मकानों की वास्तविक संख्या सामने आएगी। इससे वर्ष 2011 के मुकाबले विकास और वृद्धि का सही आकलन किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि नगर निगम और अन्य नगरीय निकायों को प्रॉपर्टी टैक्स के लिए सटीक आधार मिलेगा, क्योंकि वर्तमान में कई स्थानों पर वास्तविक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
7500 कर्मचारियों की ड्यूटी, 26 चार्ज बनाए गए
जनगणना कार्य के लिए जिले को 26 चार्ज में विभाजित किया गया है।
नगर निगम के 8 जोन – 8 चार्ज
12 तहसील – 12 चार्ज
6 अन्य नगरीय निकाय – 6 चार्ज
इसके अलावा 71 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं और करीब 7500 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने गुरुवार को सकरी, नेवसा, रतनपुर और रानीगांव का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय महत्व का कार्य बताते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
2011 के आंकड़े और अब का अनुमान
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले में:
कुल मकान: 3,55,376
कुल आबादी: 16,25,502
पुरुष: 8,27,627
महिलाएं: 7,97,875
लिंगानुपात: 964
शहरी आबादी: 35.81% (5,82,146)
ग्रामीण आबादी: 64.19% (10,43,356)
अनुसूचित जाति: 20.76%
अनुसूचित जनजाति: 14.37%
साक्षरता दर: 74.46%
जनसंख्या घनत्व: 463 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
मकानों की संख्या में बड़ा इजाफा संभव
छोटे होते परिवार, नई कॉलोनियों का विकास और पलायन के कारण जिले में मकानों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि अब यह संख्या बढ़कर 4.5 लाख से 4.7 लाख के बीच पहुंच सकती है।
जनगणना का यह हाउस लिस्टिंग चरण न केवल जिले की वास्तविक स्थिति सामने लाएगा, बल्कि शहरी और ग्रामीण विकास योजनाओं, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और कर व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
