

नगर एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश के अद्वितीय त्रिदेव मंदिर श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर, सुभाष चौक, सरकण्डा, बिलासपुर में चैत्र वासंत्र नवरात्र उत्सव के शुभ अवसर पर श्रीमद् देवी भागवत का संगीतमय भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन गुरुवार 19 मार्च 2026 से शुक्रवार 27 अप्रैल 2026 तक चलेगा।

भगवान भूतनाथ, शूलपाणि, भवानीपति, कैलाशवासी, चन्द्रमौलेश्वर, आशुतोष, विश्वेश्वर की कृपा और परमाराध्य सद्गुरुदेव परमश्रद्धेय प्रातः स्मरणीय शिवस्वरूप ब्रह्मलीन परमपूज्य श्री 108 श्री स्वामी शारदानन्द सरस्वती जी महाराज की कृपाछाया एवं शुभ आशीर्वाद से यह पावन कार्यक्रम विश्व शांति एवं जनकल्याणार्थ आयोजित किया जा रहा है।
पीठाधिश्वर आचार्य डॉ दिनेश जी महाराज ने बताया कि इस नौ दिवसीय महोत्सव में धर्मप्रेमी श्रद्धालु भक्तजन श्रीमद् देवी भागवत कथा का श्रवण कर सकेंगे। साथ ही, चैत्र वासंत नवरात्र के पावन अवसर पर श्री ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी, श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव, परमब्रह्म मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जी, श्री गणेशजी, श्री भैरव जी, श्री हनुमान जी और श्री मनोकामना अखण्ड घृत ज्योति कलश के दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार एवं इष्ट मित्रों सहित भाग लेने का विनम्र अनुरोध किया है, ताकि वे देव-दुर्लभ मानव जीवन को सफल बना सकें।

महोत्सव के प्रथम दिन श्री मनोकामना घृत अखण्ड ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किया गया। साथ ही, ध्वजारोहण, श्री दुर्गासप्तशती पाठ एवं श्रीमद् दैवी भागवत पाठ का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर प्रतिदिन ब्रह्म शक्ति बगलामुखी देवी का देवी के विभिन्न स्वरूपों में पूजन श्रृंगार किया गया।इसी कड़ी में प्रातः कालीन श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक, श्री महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती देवी का श्रीसूक्त षोडश मंत्र द्वारा दूधधारियापूर्वक अभिषेक, परमब्रह्म मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का श्रृंगार,पूजन, सिद्धिविनायक जी का पूजन श्रृंगार किया गया।प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री मनोकामना घृत ज्योति कलश 119 प्रज्वलित किए जाएंगे जो की अभिजीत मुहूर्त में 11:36 से 12:36 के मध्य किया गया।
महोत्सव के दौरान संगीतमय श्रीमद् दैवी भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन अपराह्न 2.00 बजे से भगवती इच्छा तक किया जाएगा। सुप्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य श्री मुरारीलाल त्रिपाठी ‘राजपुरोहित’ कटघोरा-कोरबा (छत्तीसगढ़) मधुर वाणी से कथा का रसपान कराएंगे। परायण आचार्य के रूप में आचार्य श्री चन्द्रहास त्रिपाठी कटघोरा-कोरबा (छत्तीसगढ़) उपस्थित रहें।
प्रतिदिन संध्या काल में संत-सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन हों रहे।
