पंजाब नंबर की फर्जी कार से घूम रहा था कथित रिटायर्ड फौजी, ई-चालान से खुला राज, शहर के एक बड़े उद्योगपति के निजी बॉडीगार्ड पर आरोप


बिलासपुर। शहर में ट्रैफिक नियम तोड़ने के मामलों में जारी ई-चालान ने एक चौंकाने वाला मामला उजागर कर दिया। पंजाब में पंजीकृत कार नंबर का उपयोग कर बिलासपुर में घूम रहे एक रिटायर्ड सेना के जवान को पुलिस ने पकड़ लिया। शिकायत मिलने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने जांच करते हुए शनिवार को सिविल लाइन थाना बिलासपुर क्षेत्र में संदिग्ध कार को जब्त कर लिया।
जानकारी के अनुसार होशियारपुर जिले के ग्राम पत्ती निवासी ममता सिंह ने वर्ष 2018 में Maruti Suzuki की कार खरीदी थी। वाहन का पंजीकरण होने पर उन्हें PB-10-CW-9786 नंबर मिला था। वर्ष 2026 में अचानक उनके मोबाइल पर रेड सिग्नल जंप और रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कई ई-चालान आने लगे। ये सभी चालान बिलासपुर के आईटीएमएस ट्रैफिक सिस्टम से जारी हुए थे।
लगातार ई-चालान आने पर ममता सिंह ने स्थानीय वकील के माध्यम से छत्तीसगढ़ पुलिस से शिकायत की। शिकायत के बाद पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर जांच शुरू की और संदिग्ध कार की तलाश की। शनिवार को सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस ने उक्त नंबर की कार को रोककर जांच की। कार में ग्वालियर निवासी विकास सिंह मिला, जिसने खुद को भारतीय सेना का रिटायर्ड जवान बताया।
चोरी की गाड़ी होने की आशंका
पुलिस के अनुसार जिस कार में विकास सिंह घूम रहा था, उसके दस्तावेज और नंबर प्लेट संदिग्ध पाए गए। अब पुलिस वाहन के चेसिस नंबर के आधार पर असली मालिक का पता लगाने की कोशिश कर रही है। प्रारंभिक जांच में वाहन के चोरी का होने की आशंका भी जताई जा रही है।
उद्योगपति का गार्ड बनकर कर रहा था काम
पुलिस जांच में सामने आया कि विकास सिंह वर्ष 2019 में सेना से रिटायर होने के बाद बिलासपुर आ गया था। यहां वह एक उद्योगपति के निजी गार्ड के रूप में काम कर रहा था और तारबाहर क्षेत्र में रह रहा था। बताया जा रहा है कि ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने और नियमों का उल्लंघन करने के कारण कई ई-चालान जारी हुए, जिनकी सूचना असली वाहन मालिक को मिलने लगी। इसी से पूरे मामले का खुलासा हुआ।
फिलहाल पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

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