
आकाश दत्त मिश्रा

बिलासपुर। शहर के हृदय स्थल माने जाने वाले पुराना बस स्टैंड बिलासपुर के पास स्थित मां शारदा परिसर में लापरवाही से कार चलाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कर्मचारी ने कार को रिवर्स करते समय नियंत्रण खो दिया, जिससे वाहन सीधे एक दुकान में घुस गया। हादसे में दुकान संचालक गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि दुर्घटना के बाद आरोपी पक्ष मदद करने के बजाय धमकी दे रहा है।

घटना शनिवार 7 मार्च की दोपहर करीब 4:30 बजे की बताई जा रही है। मां शारदा परिसर में स्थित वर्षा फैशन गर्ल्स वेयर के संचालक विजय सभनाणी अपनी दुकान के बाहर खड़े थे। उसी दौरान सामने स्थित शिव शक्ति इलेक्ट्रिकल्स का कर्मचारी ओम माखीजा कार क्रमांक CG-10-P-2233 को रिवर्स कर रहा था। बताया जा रहा है कि यह कार शिव शक्ति इलेक्ट्रिकल्स के संचालक अशोक दुलानी की है और उसे उनका नौसिखिया कर्मचारी चला रहा था।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रिवर्स करते समय चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार तेजी से पीछे की ओर बढ़ते हुए वर्षा फैशन की दुकान में घुस गई। इस दौरान दुकान के सामने खड़ी स्कूटी को अपनी चपेट में लेने के साथ ही कार ने दुकान के सामने लगे एलईडी डिस्प्ले बोर्ड को भी तोड़ दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दुकान संचालक विजय सभनाणी भी कार की चपेट में आ गए और वाहन उन्हें कुछ दूरी तक घसीटते हुए ले गया।
घटना को देख आसपास मौजूद लोग विजय सभनाणी को बचाने के लिए दौड़ पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि कार चालक ने घायल की मदद करने के बजाय पहले कार से उतरकर वाहन को हुए नुकसान की जांच की और इसके बाद वहां से निकल गया।

परिवार के अनुसार जब कार मालिक को घटना की जानकारी दी गई तो उन्होंने पहले टालमटोल किया। बाद में घायल को सिम्स या आसपास के किसी अस्पताल ले जाने के बजाय व्यापार विहार स्थित अपने परिचित के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। घायल की पत्नी महिमा सभनाणी का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की कार मालिक से सांठगांठ थी, जिसके कारण गंभीर रूप से घायल विजय सभनाणी की चोटों को रिपोर्ट में मामूली बताया गया।

इस बीच आरोपियों के अस्पताल से अचानक चले जाने के बाद परिवार को स्थिति संदिग्ध लगी। इसके बाद रिश्तेदारों ने विजय सभनाणी को वहां से डिस्चार्ज कराकर लाइफ केयर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है। परिवार के मुताबिक उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और वे गहरे सदमे में हैं। फिलहाल वे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं।
महिमा सभनाणी का आरोप है कि जब वह घटना की जानकारी देने शिव शक्ति इलेक्ट्रिकल्स के संचालक अशोक दुलानी के पास पहुंचीं तो उन्होंने मदद करने के बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि परिसर में मौजूद एक रसूखदार व्यक्ति के संरक्षण के कारण आरोपी दबाव बना रहा है। बताया जा रहा है कि उस व्यक्ति की रिश्तेदारी शहर के एक विधायक से है और उसी का प्रभाव दिखाया जा रहा है।

परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय केवल कार क्रमांक के आधार पर चालक का उल्लेख किया है। जबकि परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कार जूना बिलासपुर निवासी ओम माखीजा चला रहा था। इसके बावजूद उसके खिलाफ अब तक नामजद कार्रवाई नहीं की गई है।
घायल विजय सभनाणी और उनके परिवार ने पूरे मामले को सुनियोजित साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह घटना उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की नीयत से की गई प्रतीत होती है। पीड़ित परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है। साथ ही उनका आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोग इस मामले में हस्तक्षेप कर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी

