
शशि मिश्रा

बिलासपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की सीपत शाखा में किसान के खाते से विड्रॉल फार्म में ओवरराइटिंग कर अधिक राशि निकालने का मामला अब गंभीर वित्तीय अनियमितता के रूप में सामने आ रहा है। जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह कोई साधारण भूल नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई गड़बड़ी थी।
जानकारी के अनुसार दर्राभाठा निवासी किसान दिलहरण लाल साहू के खाते से अधिक रकम निकालने के मामले में संलिप्त महिला क्लर्क सह कंप्यूटर ऑपरेटर रूचि पाण्डेय की पूर्व पदस्थापना के दौरान भी वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं। सीपत शाखा में पदस्थ होने से पहले वे बिलासपुर के पुराना बस स्टैंड स्थित शाखा में कार्यरत थीं।
बताया जा रहा है कि बस स्टैंड शाखा में पदस्थ रहते हुए उन्होंने बैंक के बीजीएल खाते से छह से आठ महीनों के दौरान किश्तों में 1 लाख 43 हजार 988 रुपये अपने निजी खाता क्रमांक 106000011758 में ट्रांसफर कर लिए थे। आरोप है कि यह लेनदेन शाखा प्रबंधक अनामिका साव की आईडी का दुरुपयोग कर किया गया।
मामले की जानकारी हेड ऑफिस को मिलने के बाद जांच कराई गई, जिसमें महिला क्लर्क की संलिप्तता पाई गई। इसके बाद शाखा प्रबंधक को एक आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने त्रुटिवश बीजीएल की 1.43 लाख रुपये की राशि अपने खाते में आ जाने की बात स्वीकार करते हुए उसे वापस बीजीएल खाते में जमा करने का उल्लेख किया। आवेदन में भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न होने का आश्वासन भी दिया गया था।
हालांकि इसके बावजूद सीपत शाखा में किसान के खाते से ओवरराइटिंग कर अधिक राशि निकालने की नई घटना सामने आ गई। बस स्टैंड शाखा के मामले में तीन कर्मचारियों के खिलाफ दंडस्वरूप आजीवन वेतनवृद्धि पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई थी, जबकि रूचि पाण्डेय का तत्काल प्रभाव से सीपत शाखा में स्थानांतरण कर दिया गया था।
अब ताजा प्रकरण के बाद बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले की जांच जारी है।
