राजकिशोर नगर लूटकांड का 24 घंटे में खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार, उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से अंतर्राज्यीय गिरोह दबोचा, 2 किलो से अधिक सोना व नगदी बरामद

शशि मिश्रा


बिलासपुर। थाना सरकंडा क्षेत्र के राजकिशोर नगर में 17 फरवरी 2026 की रात हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। अंतर्राज्यीय गिरोह के पांच आरोपियों को उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के जेवर, नगदी राशि, घटना में प्रयुक्त वाहन और आग्नेयास्त्र बरामद किए गए हैं।


योजनाबद्ध तरीके से की गई वारदात
जानकारी के अनुसार, बसंत विहार चौक स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष उर्फ सम्राट तिवारी प्रतिदिन की तरह 17 फरवरी की रात करीब 9:15 बजे दुकान बंद कर सोने के जेवरात और नगदी अपने रेनॉल्ट क्विड कार (CG 10 AH 7701) में रखकर राजकिशोर नगर स्थित निवास की ओर जा रहे थे।


कॉलोनी के पास अंधे मोड़ पर पहले से खड़ी एक मारुति ईको कार ने उनकी गाड़ी को योजनाबद्ध तरीके से टक्कर मार दी। जैसे ही संतोष तिवारी बाहर निकले, कार सवार बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए पिस्टल तान दी और हथौड़े व पिस्टल की बट से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।


बदमाश उनकी कार से चार बैगों में रखे करीब 2 किलो सोने के जेवर, 200 ग्राम तैयार आभूषण, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइन गोल्ड और 3.50 लाख रुपये नकद लूटकर क्विड कार सहित फरार हो गए।
घटना की रिपोर्ट पर थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 219/2026 के तहत धारा 126(2), 109, 309(6), 311 बीएनएस व 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।


उच्च अधिकारियों की निगरानी में त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह, पंकज पटेल एवं सीएसपी निमितेश सिंह मौके पर पहुंचे। आईजी के निर्देश पर बिलासपुर सहित रेंज के सभी जिलों में नाकेबंदी की गई और अलग-अलग टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।


सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। घटनास्थल से एक सफेद ईको कार, पैशन प्रो मोटरसाइकिल, 10 जिंदा कारतूस और एक हथौड़ा बरामद हुआ।
लूटी गई क्विड कार ग्राम उत्तम और परसही के बीच लावारिस हालत में मिली, जहां से फिंगरप्रिंट एकत्र किए गए।
उत्तर प्रदेश भाग रहे थे आरोपी
तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना पर पता चला कि आरोपी उत्तर प्रदेश की ओर भाग सकते हैं। सूचना के आधार पर बिलासपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क साधा।


मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर 18 फरवरी की रात पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में विजय लांबा, मोनू उर्फ राहुल, विनोद उर्फ बीनू और करीम खान शामिल हैं। आरोपियों से लूटे गए जेवर और आग्नेयास्त्र बरामद किए गए।
अहरौरा थाने में आरोपियों के खिलाफ धारा 109, 317(2) बीएनएस एवं 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत अलग से अपराध दर्ज किया गया है। बिलासपुर पुलिस की टीम मिर्जापुर पहुंचकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
स्थानीय सहयोगी भी गिरफ्तार
जांच के दौरान सामने आया कि इमरान उर्फ ईरफान अली नामक आरोपी ने स्कॉर्पियो वाहन से रेकी कर वारदात को अंजाम दिलाने में सहयोग किया था। उसे भी गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया गया है।
मास्टरमाइंड पर 70 से अधिक केस
पुलिस के अनुसार, इस वारदात का मास्टरमाइंड विजय लांबा एक शातिर अंतर्राज्यीय अपराधी है, जिसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 70 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। दिसंबर माह की एक अन्य घटना में भी उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।


24 घंटे में बड़ी सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के अवकाश पर रहने के बावजूद, आईजी रामगोपाल गर्ग के नेतृत्व में की गई सतत मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई के चलते बिलासपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट का माल बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है।
गिरफ्तार आरोपी
विजय लांबा, निवासी उत्तम नगर, दिल्ली
मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित, निवासी गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश
विनोद उर्फ बीनू प्रजापति, निवासी कोटा, राजस्थान
करीम खान, निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश
ईरफान अली, निवासी टिकरापारा, बिलासपुर
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सीएसपी, प्रशिक्षु आईपीएस, एससीसीयू टीम और जिले के कई पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अन्य राज्यों में हुई समान घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटा रही

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