एसआईआर: दो चरणों में 3.68 लाख मतदाताओं के नाम कटे, बिल्हा में सर्वाधिक 1,432 बाहर


बिलासपुर। जिले में संक्षिप्त विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। दो चरणों में हुई कार्रवाई के बाद कुल 3,68,624 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। ये नाम 21 फरवरी को प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची में शामिल नहीं होंगे। हालांकि अंतिम सूची जारी होने के बाद निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नाम जोड़ने के लिए नए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
पहले चरण में 3.63 लाख नाम हटे
4 नवंबर से 18 दिसंबर तक चले पहले चरण में बीएलओ एप के माध्यम से मतदाताओं के फॉर्म का डिजिटाइजेशन किया गया। अक्टूबर तक जिले में कुल 16,75,770 मतदाता दर्ज थे। इनमें से 13,12,223 मतदाताओं का सफलतापूर्वक डिजिटाइजेशन हो सका, जबकि 3,63,547 (21.68%) मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।
इनमें—
71,769 मतदाता मृत पाए गए।
1,02,471 मतदाता अपने पते पर नहीं मिले।
1,69,397 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके थे।
17,727 मतदाता अन्य बूथों पर पहले ही फॉर्म भर चुके थे।
2,183 अन्य कारणों से सूची में शामिल नहीं हो सके।
दूसरे चरण में 5,077 और अपात्र
पहले चरण के बाद जिन मामलों में दस्तावेज अधूरे या संदेहास्पद थे, उन्हें नोटिस जारी किए गए। जिले में 4,98,195 मतदाताओं को नोटिस प्रक्रिया में शामिल किया गया, जिनमें से 4,18,501 को नोटिस तामील हो सका। सुनवाई के बाद 5,077 मतदाता डबल फॉर्म, अनुपस्थित रहने या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने के कारण अपात्र घोषित किए गए। 146 मामलों में सत्यापन नहीं हो सका।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार बनर्जी ने बताया कि जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 5,077 मतदाता दूसरे चरण में अपात्र पाए गए।
बिल्हा में सर्वाधिक नाम कटे
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार जिले की विधानसभा क्षेत्रों में बिल्हा में सर्वाधिक 1,432 नाम हटाए गए। अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में नाम सूची से बाहर हुए हैं।
प्रदेश में चौथे स्थान पर बिलासपुर
दूसरे चरण में प्रदेशभर में 82,760 मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। जिला वार आंकड़ों में रायपुर 26,901 मामलों के साथ पहले, कोरबा 13,962 के साथ दूसरे और महासमुंद 5,102 के साथ तीसरे स्थान पर है। बिलासपुर 5,077 नाम कटने के साथ प्रदेश के 33 जिलों में चौथे स्थान पर है।
प्रशासन का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाना है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी एवं त्रुटिरहित रह सके।

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