

बिलासपुर। पिछले एक सप्ताह से ग्रामीण इलाकों में दहशत का कारण बनी बाघिन अब सुरक्षित रूप से अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) की सीमा में लौट गई है। वन विभाग के अनुसार शावकों के साथ रिहायशी क्षेत्रों के आसपास देखी जा रही बाघिन सिहावल सागर क्षेत्र में पहुंच चुकी है, जिससे ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने गांवों के आसपास पांच ट्रैप कैमरे लगाए थे। सोमवार को कैमरों की जांच के दौरान एक बाघ की तस्वीर भी कैद हुई है। इससे स्पष्ट हुआ है कि रिजर्व क्षेत्र से केवल बाघिन ही नहीं, बल्कि एक अन्य बाघ भी बाहर निकला था। विभाग अब इस नए बाघ की तलाश और ट्रैकिंग में जुट गया है।
जानकारी के अनुसार, कोटा वन मंडल के जंगलों में मौजूदगी के दौरान बाघिन ने दो बार मवेशियों का शिकार किया। एक अवसर पर वह सरकारी स्कूल के काफी नजदीक तक पहुंच गई थी, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया था। स्थिति को देखते हुए वन अमला लगातार गश्त और निगरानी कर रहा था।
हाल ही में सारसडोल क्षेत्र में दो वर्षीय नर बाघ की मौत के बाद वन विभाग पहले से ही सतर्क है। कोटा वन मंडल, वन विकास निगम और लोरमी क्षेत्र के अधिकारी संयुक्त रूप से लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर अकेले न जाएं और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
