

बिलासपुर। नगर निगम की सामान्य सभा के दौरान हुए प्रदर्शन और सड़क जाम के मामले में पुलिस ने कांग्रेस के शहर व ग्रामीण जिलाध्यक्ष सहित 7 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच सिविल लाइन थाना पुलिस कर रही है, जबकि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को बिलासपुर नगर निगम की तीसरी सामान्य सभा की बैठक लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित की गई थी। इसी दौरान लिंगियाडीह क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और पेयजल समस्या को लेकर कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

ऑडिटोरियम के बाहर जिन लोगों के अतिक्रमण हटाए गए थे, उनके समर्थन में कांग्रेस नेता और स्थानीय पार्षद धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के कारण मिशन अस्पताल रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे आम लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी और एनएसयूआई के पदाधिकारी भी शामिल रहे।
घटना के अगले दिन पुलिस ने शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, पार्षद दिलीप पाटिल, विक्की आहूजा, शहजादा खान, रंजीत सिंह और अर्पित केशरवानी समेत अन्य के खिलाफ बलवा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
शहर जिला अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी और सरकार एफआईआर के जरिए विपक्ष को डराने का प्रयास न करे। उन्होंने आरोप लगाया कि आमजनों की समस्याओं को दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि कांग्रेस हमेशा गरीबों की लड़ाई लड़ती आई है।
पुलिस का पक्ष
एएसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि बिना पूर्व अनुमति के ऑडिटोरियम में प्रदर्शन किया गया, जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ। इसी आधार पर 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर अन्य शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
