

बिलासपुर। नगर निगम की सामान्य सभा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कांग्रेस पार्षद दल की बैठक में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब उप नेता प्रतिपक्ष संतोषी बघेल की जगह उनके पति रामा बघेल बैठक में पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद बैठक में तीखी नोंकझोंक शुरू हो गई।
दरअसल, 13 फरवरी को होने वाली नगर निगम की सामान्य सभा में सत्ता पक्ष को जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति के तहत कांग्रेस की प्रशिक्षण बैठक कांग्रेस भवन में आयोजित की गई थी। बैठक में पूर्व मेयर रामशरण यादव, राजेश पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने रामा बघेल से सवाल किया कि उप नेता प्रतिपक्ष संतोषी बघेल स्वयं बैठक में क्यों नहीं आई हैं। इस पर रामा बघेल नाराज हो गए और बैठक में मौजूद अन्य पार्षदों के पतियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहां और भी पार्षद पतियों की मौजूदगी है। इस पर कश्यप ने स्पष्ट कहा कि संतोषी बघेल उप नेता प्रतिपक्ष हैं, इसलिए उनका बैठक में उपस्थित रहना जरूरी है।
विवाद के दौरान रामा बघेल ने पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन की पार्षद पत्नी असगरी बेगम का नाम लेते हुए सवाल किया कि वे कहां हैं। उस समय असगरी बेगम बैठक में मौजूद नहीं थीं। बाद में शेख नजीरुद्दीन पहुंचे और उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पूर्व सभापति की हैसियत से पार्षदों को प्रशिक्षण देने के लिए बुलाया गया था, न कि पत्नी के स्थान पर शामिल होने के लिए। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी शहर से बाहर हैं।
बताया जाता है कि विवाद के बीच रामा बघेल ने अपने बेटे को फोन कर संतोषी बघेल को बैठक में बुलाया। कुछ देर बाद वे पत्नी के साथ कांग्रेस भवन से रवाना हो गए। घटना के बाद बैठक में मौजूद पार्षदों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा और नाराजगी देखने को मिली।
भरत कश्यप ने कहा कि संतोषी बघेल नगर निगम की उप नेता प्रतिपक्ष हैं, इसलिए उन्हें पार्षद दल की बैठक में उपस्थित रहना चाहिए, ताकि सामान्य सभा में मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकें। उन्होंने कहा कि रामा बघेल पार्षद नहीं हैं, ऐसे में उन्हें बैठक में नहीं आना चाहिए। अब सभी पार्षदों को पत्र जारी कर स्पष्ट किया जाएगा कि केवल निर्वाचित पार्षद ही बैठकों में शामिल हों, उनके पति या रिश्तेदार नहीं।
वहीं शेख नजीरुद्दीन ने कहा कि उन्हें प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि रामा बघेल को विवाद खड़ा करने की आदत हो गई है और हर बैठक में टकराव की स्थिति बनती है। ऐसे मामलों पर संगठन को ध्यान देना चाहिए।
गौरतलब है कि भरत कश्यप और रामा बघेल दोनों ही पूर्व विधायक शैलेष पांडेय के करीबी माने जाते हैं। दोनों के बीच हुई इस नोंकझोंक से पार्टी के पार्षद भी हैरान नजर आए। बैठक में यह चर्चा भी रही कि पिछले कार्यकाल में जब रामा बघेल स्वयं पार्षद थे, तब भी उनकी सभापति से अक्सर नोकझोंक होती रहती थी।
फिलहाल, सामान्य सभा से पहले कांग्रेस पार्षद दल की बैठक में हुए इस विवाद ने पार्टी के भीतर अनुशासन और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
