

छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर के सरकंडा स्थित ‘श्री पीताम्बरा पीठ’ त्रिदेव मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत भव्य और अलौकिक रूप से मनाने की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। नगर एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश के इस अद्वितीय मंदिर में श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव जी का विशेष महारुद्राभिषेक और महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
पीताम्बरा पीठाधीश्वर स्वामी श्री दिनेश जी महाराज ने बताया कि परमपूज्य परमहंस श्री 108 श्री स्वामी शारदानन्द सरस्वती जी महाराज की कृपाछाया में विश्व शांति एवं जनकल्याण हेतु महादेव का अभिषेक विशेष विधि-विधान से किया जाएगा।

15 फरवरी 2026 (रविवार) फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी से महोत्सव का आगाज होगा। प्रातः 6:00 बजे से महारुद्राभिषेक प्रारंभ होगा, जो निरंतर रात्रि के चारों प्रहर तक चलता रहेगा। इस दौरान भक्तगण भगवान शिव के दिव्य दर्शन, रात्रि जागरण और अभिषेक का लाभ ले सकेंगे।
16 फरवरी 2026 (सोमवार) फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी के अवसर पर नि:शुल्क रुद्राक्ष एवं प्रसाद वितरण का भव्य आयोजन होगा। यह वितरण प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चलेगा।

पारद शिवलिंग की महिमा और विशेषता
शास्त्रों के अनुसार, पारद शिवलिंग साक्षात् शिव का रूप है। चरक संहिता और ब्रह्मपुराण का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि इसके दर्शन मात्र से करोड़ों शिवलिंगों की पूजा के समान फल प्राप्त होता है। यह पूजा ग्रह दोष निवारण, तंत्र-बाधा मुक्ति और सुख-समृद्धि के लिए अचूक मानी जाती है।
चैत्र नवरात्र और श्री बगलामुखी देवी उपासना
महाशिवरात्रि के पश्चात मंदिर में 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक ‘चैत्र वासंत नवरात्र उत्सव’ एवं वार्षिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा।कथा व्यास राजपुरोहित आचार्य मुरारी लाल त्रिपाठी (कटघोरा) द्वारा श्रवण कराई जाएगी। नवरात्र के दौरान मनोकामना अखंड घृत ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील है कि वे इस भव्य आयोजन में सपरिवार पधारकर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करें और महाशिवरात्रि के इस पावन उत्सव के साक्षी बन अपने जीवन को सफल बनाएं।
