निर्माणाधीन कोर्ट भवन के पास ट्रक से टकराई तेज रफ्तार बाइक, पीएससी छात्र की मौत


रामा लाइफ सिटी में रहकर कर रहा था तैयारी, सुबह 5 बजे हुआ हादसा
बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवक की मौत हो गई। जिला कोर्ट के निर्माणाधीन भवन के सामने उसकी तेज रफ्तार बाइक मटेरियल लेकर निकल रहे ट्रक से टकरा गई। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान राजनांदगांव जिले के छुरिया निवासी मणींद्र भूषण सिंह श्याम (23) के रूप में हुई है। वह उसलापुर स्थित रामा लाइफ सिटी में किराए के मकान में रहकर निजी कोचिंग संस्थान में पीएससी की तैयारी कर रहा था। मंगलवार सुबह करीब 4 बजे वह स्पोर्ट्स बाइक से घूमने निकला था। करीब 5 बजे नाश्ता लेकर अपने कमरे लौटते समय यह हादसा हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह सड़क खाली होने के कारण बाइक की रफ्तार तेज थी। इसी दौरान निर्माणाधीन जिला कोर्ट परिसर से ट्रक क्रमांक सीजी 29 एसी 0934 बाहर निकल रहा था। ट्रक भवन निर्माण के लिए मटेरियल लेकर आया था और खाली कर वापस लौट रहा था। अचानक सामने आए ट्रक से बाइक सवार टकरा गया। हादसे में मणींद्र गंभीर रूप से घायल हो गया।
ट्रक चालक और आसपास के लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायल छात्र को तत्काल ऑटो से सिम्स अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन सुबह करीब 6 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
एएसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि घटना जिला कोर्ट परिसर के पास हुई है। बाइक सवार ट्रक से टकराया था। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले की जांच की जा रही है।
मणींद्र के पिता हनुमंत सिंह श्याम वर्तमान में बालोद जिले के गुरूर ब्लॉक में तहसीलदार के पद पर पदस्थ हैं। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रदेशभर के तहसीलदार संघ के समूहों में दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
चार साल में 36 की मौत, ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल
शहर में खराब ट्रैफिक व्यवस्था और तेज रफ्तार के कारण सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष 2022 से 2025 के बीच शहर में 36 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है, जबकि 143 लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद प्रभावी सुधारात्मक कदम नजर नहीं आ रहे।
हादसों के प्रमुख कारणों में प्रतिबंधित समय में भारी वाहनों का प्रवेश, तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाना, हेलमेट का उपयोग न करना, खराब सड़कें और सड़क किनारे खड़े वाहन शामिल हैं। ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ रोज कार्रवाई की जा रही है। दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनना चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
फिलहाल इस हादसे ने एक होनहार छात्र की जिंदगी छीन ली और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए

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