

शहर में गर्मी के मौसम के दौरान जल संकट की आशंका को देखते हुए महापौर पूजा विधानी ने जल विभाग के अधिकारियों और नगर निगम के सभी 8 जोन कमिश्नरों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में पानी सप्लाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
महापौर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जोन में दो-दो अतिरिक्त पंप सुरक्षित रखे जाएं, ताकि किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तत्काल पंप बदलकर जलापूर्ति बहाल की जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पानी की सप्लाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में शहर के 70 वार्डों में मौजूद लगभग 24 हजार अवैध नल कनेक्शनों को नियमित करने का निर्णय लिया गया। महापौर ने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देशित किया कि वार्डवार सर्वे कर अवैध कनेक्शनों को वैध बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। नियमितीकरण के लिए पूर्व वर्षों का बकाया शुल्क नहीं लिया जाएगा, बल्कि केवल एकमुश्त 4 हजार रुपये जमा कर कनेक्शन नियमित किया जाएगा। इसके बाद प्रति माह 200 रुपये का नियमित जल शुल्क लिया जाएगा। इस फैसले से हजारों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
महापौर ने पिछले वर्ष सिरगिट्टी, मंगला, खम्तराई, तालापारा, तोरवा और टिकरापारा क्षेत्रों में उत्पन्न जल संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार पहले से तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से खूंटाघाट लाइन में आई तकनीकी खराबी का जिक्र किया, जिसके कारण शहरवासियों को 15 से 20 दिनों तक पानी के लिए परेशान होना पड़ा था। ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए सभी पानी टंकियों के पंपों को दुरुस्त और चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा शहर में टैंकरों की कमी को देखते हुए भी अहम फैसला लिया गया। वर्तमान में निगम के 42 टैंकरों में से केवल 26 ही संचालित हैं। महापौर ने खराब पड़े 16 टैंकरों को तत्काल सुधारने और 20 नए टैंकर खरीदने के लिए जल विभाग प्रभारी अनुपम तिवारी को शीघ्र टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
महापौर ने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता है कि गर्मी के दौरान शहरवासियों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी क्षेत्र में पानी की किल्लत न हो।
