हनी ट्रेप का इस्तेमाल कर बिलासपुर के युवक से की शातिर गिरोह ने एक करोड़ से अधिक की ठगी

शशि मिश्रा

एक बार फिर अधिक मुनाफे का झांसा देकर निवेश कराते हुए युवक को ठग लिया गया। इसके लिए एक युवती को चारा बनाकर पेश किया गया। ग्राम बोकरेल, मालखरौदा सक्ति निवासी कमलेश गवेल बिलासपुर के मझवा पारा में रवि हाइट में रहता है। राजीव गांधी चौक के पास रहने वाले कमलेश कमलेश व्यवसायी है जिनकी पहचान फेसबुक के जरिए सक्ति के ही ग्राम लबेद निवासी रेवती मैत्री से हुई। दोनों के बीच गहरी मैत्री भी हो गई तो अक्सर बातचीत होने लगी। इसी दौरान रेवती मैत्री ने उसे बताया कि वह नई नैसविज रिटेल्स प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली की कंपनी से जुड़ी हुई है और उसके लिए काम करती है। उसकी कंपनी स्टेमसेल्स प्रोडक्ट फाइटोविज नाम की दवा बनाती है जो शरीर में बहुत से बीमारियों के काम आती है, जिसके एक डिब्बे की कीमत ही ₹16,000 है । उसने कमलेश को भी इस कंपनी के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि कंपनी से जुड़ने के लिए 16,000 रुपए जमा करना पड़ेगा। इसके बाद वह जितने कस्टमर कंपनी से जोड़ेगा, उसका मोटा कमीशन मिलेगा।

एक प्रकार से रेवती ने उसे चेन मार्केटिंग का फंडा समझाया। रेवती मैत्री ने उसे यह भी समझाया कि उसकी कंपनी अल्कलाइन वॉटर आयनाइजर मशीन भी बेचती है जिसकी कीमत 2 लाख 60 हजार रुपए है और इसके एक मशीन की बिक्री करने पर ही 28, 000 रुपए का भारी कमीशन मिलता है ।

इस प्रलोभन में कमलेश आ गया और उसने रेवती के साथ उसकी कंपनी से जुड़ने की इच्छा के साथ निवेश कर दिया। इसके बाद रेवती उससे कहने लगी कि तुम अपने दोस्त, रिश्तेदार , परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस कंपनी से जोड़ो जिससे कि हम सबको फायदा हो।

इस दौरान रेवती ने अपने कथित कंपनी के सीनियर इमरान खान और मोहम्मद रहीस से भी उसकी मुलाकात कराई। यह सभी कोरबा के दीनदयाल मार्केट स्थित सिटी सेंटर के ऑफिस में मिले, जहां इमरान खान और मोहम्मद रहिस ने कमलेश से उनका बायोडाटा लिया। कुछ दिनों बाद कमलेश को कहा गया की कंपनी के काम से उसे मनाली जाना होगा और इसके लिए उससे ₹25000 मांगे गए लेकिन बाद में उसे यह कहकर मना कर दिया गया कि ज्यादा लोग मनाली नहीं जा सकते।

इसी दौरान कंपनी में निवेश करने पर मुनाफे का झांसा देकर कमलेश से 81,500 रु ले लिए गए कहा गया कि इसके एवज में उसे ₹30,000 का मुनाफा होगा और यह पैसा दो-तीन महीने में मिल जाएगा ।

कमलेश का भरोसा जीतने के लिए रेवती ने उसे ₹20,000 , ₹15,000 और ₹10,000 अलग-अलग किस्तों में दिया भी लेकिन जब उनसे मूलधन और बाकी पैसों की मांग की गई तो उसे मोहम्मद रईस और इमरान ने समझाया कि कमिशन का पैसा बाद में मिलेगा। वह शांत रहे। कमलेश ने उन पर विश्वास कर लिया।
इसके बाद रेवती के माध्यम से उसे बार-बार कंपनी में और अधिक निवेश करने के लिए उकसाया जाता रहा । इस तरह से कमलेश से ₹60000, 38000, ₹5000 ,17,500 12,550 रुपए ₹8000 ₹20, 000 लिए गए और इन सब का मुनाफा एक साथ देने की बात कही गई ।

इतना ही नहीं कमलेश ने इमरान खान के कहने पर उसके अकाउंट में अलग से 75,000 डालें इसके बदले में इमरान खान ने उसके अकाउंट में ₹20,000 डाल दिए लेकिन इसकी जानकारी होने पर रेवती ने वह पैसे भी अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद भी ठगी का सिलसिला खत्म नहीं हुआ। कभी नगद तो कभी ऑनलाइन से कमलेश से ₹80 लाख रुपये कंपनी में निवेश करा लिए गए। जब कमलेश गवेल ने उनसे पैसे मांगे तो अब उनके तेवर बदल चुके थे। इसके बाद यह लोग उसे मारने पीटने और जान से मार देने की धमकी देने लगे। रेवती मैत्री का अब असली चेहरा सामने आ गया, जिसने कहा कि अगर वह पैसे वापस मांगा तो रेवती उसे बलात्कार के झूठे मामले में फंसा देगी, जिससे कमलेश काफी डर गया।

इस डर का फायदा उठाते हुए रेवती मैत्री ने कोरबा स्थित अपने कार्यालय में कमलेश के पैसे से तीन ऐसी लगवा लिया। यह लोग कमलेश को बेवकूफ बनाकर एक कार भी खरीदवाना चाहते थे और उसे यह समझाया गया कि तुम्हारे पास कार होगा तो लोग तुमसे प्रभावित होंगे लेकिन कमलेश समझ चुका था कि यह ठग गिरोह उसे निचोड़ने पर तुला हुआ है। अब तक इन लोगों से डरने वाले कमलेश गबेल ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और सिविल लाइन थाने पहुंचकर इन शातिर ठग गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

पुलिस ने तीनो आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 506 , 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात पुलिस कह रही है । यह मामला सिर्फ ठगी का नहीं है। गिरोह ने कमलेश गबेल को ठगने के लिए हनी ट्रेप का भी इस्तेमाल किया। पुलिस ने आम लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि वे कभी भी ऐसे अनजान लोगों के कहने पर अधिक मुनाफे की लालच में निवेश न करें और ना ही किसी लड़की की चिकनी चुपड़ी बातों में आए, क्योंकि हर चमकती चीज सोना नहीं होती।

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