रायपुर में नशे के खिलाफ सख्त कदम, कमिश्नर का पहला दंडाधिकारी आदेश जारीरोलिंग पेपर व स्मोकिंग कोन की बिक्री पर 29 मार्च तक प्रतिबंध


रायपुर।
नाबालिगों और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर नगरीय रायपुर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (पूर्व में धारा 144 CrPC) के तहत अपना पहला दंडाधिकारी आदेश जारी करते हुए शहर की सीमा में रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और पर्फेक्ट रोल की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ज्ञापनों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से प्राप्त जानकारियों में यह सामने आया था कि शहर में नाबालिगों और युवाओं द्वारा चरस, गांजा जैसे मादक पदार्थों के सेवन के लिए रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ये सामग्री पान की दुकानों, किराना दुकानों, चाय ठेलों, कैफे और रेस्टोरेंट जैसे आसानी से उपलब्ध स्थानों पर खुलेआम बेची जा रही थी, जिससे नाबालिगों तक इसकी पहुंच आसान हो गई थी।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि इन उत्पादों में टाइटेनियम ऑक्साइड, पोटेशियम नाइट्रेट, आर्टिफिशियल डाई, कैल्शियम कार्बोनेट और क्लोरीन ब्लीच जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। इनके उपयोग से न केवल स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि नशे की हालत में होने वाली आपराधिक गतिविधियों में भी वृद्धि देखी जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा 21 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के तहत पुलिस आयुक्त को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश पारित किया गया है। आदेश के तहत रायपुर नगरीय क्षेत्र में पान की दुकान, परचून/किराना, चाय की दुकान, कैफे और रेस्टोरेंट जैसे स्थानों से रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और पर्फेक्ट रोल के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
आदेश को जनहित में तत्काल प्रभावशील किए जाने की आवश्यकता को देखते हुए इसे एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस आदेश में छूट या शिथिलता चाहती है तो वह विधिवत आवेदन प्रस्तुत कर सकती है, जिस पर सुनवाई के बाद निर्णय लिया जाएगा।
यह आदेश 29 जनवरी 2026 से प्रभावी होकर 29 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। आदेश या इसके किसी भी प्रावधान का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।
पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि यह कदम नशे के खिलाफ अभियान को मजबूती देने और युवाओं को सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!