

प्रदेश की बीजेपी की साय सरकार ने स्वामी आत्मानंद स्कूल के नर्सरी के जी कक्षाओं को बंद करने का निर्णय लिया है जिससे मासूम बच्चों के हाँथों से कॉपी पेंसिल छीन लिया है और शिक्षकों को भी नौकरी से बाहर करने का नोटिस दे दिया है, आरोप है कि बीजेपी सरकार अब छत्तीसगढ़ के मासूम बच्चों और बे कसूर शिक्षकों के साथ बदले की भावना का व्यवहार कर रही है।

शिक्षकों का एक दल बिलासपुर में पूर्व विधायक शैलेश पांडेय से मिला और उनके साथ प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात किया और अपनी पीड़ा को रखा।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टी एस सिंहदेव से मिले और अपनी समस्या को रखा एवं अपने जीवन में आने वाले अंधकार से पीड़ित और डरे हुए शिक्षकों की समस्या को सुनकर सभी वरिष्ठ नेता नाराज़ हुए और कहा कि सरकार से ऐसी अपेक्षा नहीं थी कि बदले की भावना से काम करेगी और बच्चों के भविष्य से हिसाब चुकाएगी।राजनीतिक दुर्भावना से ग्रस्त ये बीजेपी की सरकार जनता की नज़रों से गिर चुकी है।सभी नेताओं ने अपने अपने स्तर पर मदद का आश्वासन दिया एवं और मुद्दे को हर स्तर पर उठाने की बात कही।शिक्षकों के दल में कोमल ठाकुर,स्वीटी तिवारी,अमृता सिंह,पूजा जांगड़े,प्रतीक्षा राही, निशा बंजारे,सहोदरा जयसवाल
पुष्पा दुबे शामिल थी।
