

बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ बंगाली समाज द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती एवं सरस्वती पूजा धूमधाम, हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के सदस्यों ने देशभक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर समाज के प्रदेश अध्यक्ष पल्लव धर ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। अचिंत कुमार बोस एवं आर.एन. नाथ द्वारा नेताजी के जीवन, संघर्ष और देश के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और प्रेरणादायी बना दिया।

साथ ही बंगाली परंपरा के अनुसार विद्या एवं कला की देवी मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। प्रदेश अध्यक्ष पल्लव धर एवं आर.एन. नाथ ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में प्रदेश सचिव डॉ. एस.के. मजूमदार, रंजीत बोस, डॉ. अनूप विश्वास, जिला अध्यक्ष नारायण चंद्र दे, महासचिव पूर्ति धर, महिला अध्यक्ष कल्पना दे, महिला महासचिव मनीष साहू, प्रोनोति बारिक, राखी गुहा, माला दास, अनूप कुमार ताप्ती, संध्या ताप्ती, ज्योति का अधिकारी, उज्ज्वल अधिकारी, प्रणव बनर्जी, सुमित चक्रवर्ती, पी.के. घोष, भारती घोष, सुजीत मित्र सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
इसके अलावा गंगाधर दे, मिता बोस, निहार रंजन मौलिक, रिया दास, गीता दत्त, मिस्टी दे, उज्ज्वल बनर्जी, झरना मजूमदार, रविंद्र कुमार राय, गोकुल, नितेश साहू, उमा श्याम जी, माधुरी राय, गोपाल घोष, पी.के. राव, सुभाषित दास गुप्ता, पंडित राजकुमार चक्रवर्ती सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।
पूजा के उपरांत भक्तों ने मां सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पित की तथा पारंपरिक खिचड़ी भोग का वितरण किया गया। आयोजन ने समाज में सांस्कृतिक एकता, शिक्षा एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
