

अहमदाबाद।
गुजरात के अहमदाबाद में वंदे भारत ट्रेन से लैपटॉप चोरी की एक साधारण घटना ने पुलिस जांच के दौरान बड़े फर्जीवाड़े और महिलाओं से ठगी के सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया। रेलवे पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि खुद को सेना का मेजर बताने वाला आरोपी असल में एक फर्जी पहचान के सहारे लंबे समय से अपराध कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, वंदे भारत ट्रेन में एक यात्री का लैपटॉप चोरी हो गया था। मामले की जांच के दौरान रेलवे पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक युवक लैपटॉप बैग ले जाते हुए दिखाई दिया। पुलिस ने जिस मोबाइल नंबर से सीट बुक की गई थी, उसे सर्विलांस पर लिया। लोकेशन दिल्ली मिलने पर पुलिस टीम वहां रवाना हुई और स्थानीय पुलिस की मदद से एक होटल में दबिश दी।
होटल में आरोपी शराब पीते हुए मिला। पूछताछ में उसने खुद को सेना का मेजर बताते हुए नाम हर्षित चौधरी बताया और कहा कि बैग गलती से उसके पास आ गया। आरोपी ने पुलिस को सेना का एक पहचान पत्र भी दिखाया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में चोरी स्पष्ट होने के कारण पुलिस को शक हुआ। जब उसके बताए गए पोस्टिंग स्थल की जानकारी सेना से ली गई, तो सच्चाई सामने आ गई।
जांच में पता चला कि आरोपी का असली नाम मोहम्मद शाहबाज खान है, जो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है। वह वर्ष 2015 में सेना में सिपाही था, लेकिन अनुशासनहीनता के चलते उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद वह फर्जी पहचान बनाकर चोरी और ठगी की वारदातों को अंजाम देने लगा।
पुलिस जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल पर एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को उसकी पत्नी बताया। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को हिंदू और सेना का मेजर बताकर शादी डॉट कॉम के जरिए 100 से अधिक हिंदू महिलाओं से संपर्क किया था। इनमें से 40 से 50 महिलाओं से वह आमने-सामने मिल चुका था और कई से लाखों रुपये की ठगी कर चुका था।
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने कम से कम 24 नौकरीपेशा युवतियों के साथ शारीरिक संबंध बनाए। एक युवती से उसने फर्जी पहचान छुपाकर मंदिर में शादी भी की और उसे अलीगढ़ में किराए के मकान में रखा। उसी युवती ने बाद में सच्चाई सामने आने पर अलीगढ़ के एक थाने में आरोपी के खिलाफ मारपीट, अप्राकृतिक कृत्य, लिव-इन संबंध और धर्मांतरण के दबाव जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
इसके अलावा, आरोपी ने जिस फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था, वह राजस्थान के भरतपुर निवासी हर्षित जादौन की बताई जा रही है। पुलिस ने जब असली हर्षित जादौन से संपर्क किया, तो उसने भी आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
फिलहाल मोहम्मद शाहबाज खान अहमदाबाद जेल में बंद है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि पीड़ित महिलाओं की संख्या और बढ़ सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने फर्जी पहचान के सहारे और कितने अपराध किए हैं।
यह मामला न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर सावधानी बरतने की गंभीर चेतावनी भी देता है।
