

बिलासपुर।
नेहरू चौक से दर्रीघाट तक सड़क की जर्जर हालत से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। इस मार्ग पर बहुप्रतीक्षित सड़क निर्माण प्रोजेक्ट के तहत अलाइनमेंट का काम शुरू कर दिया गया है। फिलहाल तकनीकी टीम सड़क के लेवल की जांच कर रही है और यह आकलन किया जा रहा है कि कहां कितनी ऊंचाई और निचाई रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस सड़क के निर्माण का वर्कऑर्डर पिछले साल 31 दिसंबर को ही जारी कर दिया गया था, लेकिन अब जाकर जमीनी स्तर पर काम की शुरुआत हुई है।
वर्तमान में जूना बिलासपुर क्षेत्र में सड़क की हालत काफी दयनीय बनी हुई है। जगह-जगह गड्ढों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि दुकानदार रोजाना अपनी दुकानों के सामने पानी का छिड़काव कर धूल उड़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों द्वारा कई बार लोक निर्माण विभाग से सड़क की मरम्मत और नए निर्माण की मांग की जा चुकी है, जिससे विभागीय अफसरों पर भी काम जल्द शुरू कराने का दबाव बढ़ गया था।
नेहरू चौक से दर्रीघाट प्रोजेक्ट के तहत अलाइनमेंट का काम शुरू होने से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होने से पहले विधिवत भूमिपूजन किए जाने की चर्चा है, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भूमिपूजन कौन करेगा।
निगम सीमा की सड़क पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर
नेहरू चौक से गोलबाजार की ओर ठेकेदार के कर्मचारी सड़क के लेवल की जांच में जुटे हुए हैं। नेशनल हाइवे-49 के नाम से निगम सीमा में आने वाली इन सड़कों को कुछ समय पहले नगर निगम से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को हैंडओवर किया गया था। हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीडब्ल्यूडी पहली बार इस सड़क का निर्माण कर रही है।
योजना के अनुसार, नेहरू चौक से मस्तूरी की ओर जाने वाली सड़क पर गांधी चौक तक नए सिरे से डामरीकरण किया जाएगा। अब तक गांधी चौक से लालखदान तक सड़क फोरलेन है, लेकिन इसके आगे दर्रीघाट तक जाने के लिए वाहन चालकों को संकरी सड़क से गुजरना पड़ता था। इससे न केवल ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था।
बजट में शामिल था प्रस्ताव
इस मार्ग पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण के इस प्रस्ताव को बजट में विशेष रूप से शामिल किया था। फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद दर्रीघाट से बिलासपुर पहुंचना आसान होगा, यात्रा में कम समय लगेगा और लोगों को सुरक्षित व सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
