

बिलासपुर।
थाना कोनी पुलिस ने लूट की वारदात में फरार चल रहे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम में से 800 रुपये बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अपराध क्रमांक 18/2026 धारा 127(1), 309(1) बीएनएस के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली गगन कुमार के मार्गदर्शन में लूटपाट और गुंडागर्दी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
घटना 14 जनवरी 2026 की रात करीब 10.30 बजे की है। प्रार्थी तामेश्वर सोनी मार्क अस्पताल से मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। फॉरेस्ट कार्यालय के सामने कच्ची सड़क, कोनी के पास तीन अज्ञात युवकों ने उनसे लिफ्ट मांगी। जैसे ही प्रार्थी ने मोटरसाइकिल की गति कम की, आरोपियों ने बाइक का हैंडल पकड़कर उन्हें गिरा दिया और मारपीट कर पर्स में रखे 11 हजार रुपये व अन्य सामान लूटकर फरार हो गए।
घटना की रिपोर्ट पर थाना कोनी में अपराध दर्ज कर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई। 16 जनवरी को पुलिस ने संदेही लक्ष्मण वंशकार उर्फ छोटू (22 वर्ष), निवासी इमली भाटा थाना सरकंडा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों कुलदीप उर्फ क्विंटल उर्फ संजय वंशकार (20 वर्ष) और श्रवण उर्फ नानू कौशिक (19 वर्ष), दोनों निवासी इमलीपारा सरकंडा, के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। प्रार्थी द्वारा आरोपियों की शिनाख्त भी की गई।
इसके बाद पुलिस ने फरार दोनों आरोपियों कुलदीप उर्फ क्विंटल उर्फ संजय वंशकार और श्रवण उर्फ नानू कौशिक को भी 16 जनवरी की रात हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने लूट की घटना में शामिल होना स्वीकार किया। उनके कब्जे से लूट की रकम में से 800 रुपये बरामद किए गए, जबकि शेष रकम खाने-पीने में खर्च करना बताया गया।
बरामद रकम को विधिवत जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर 17 जनवरी 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कोनी पुलिस की जनअपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अवैध गतिविधि या अपराधियों की जानकारी तत्काल स्थानीय थाना या डायल 112 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
