

सरकंडा थाना क्षेत्र के ग्राम उरतुम में असामाजिक तत्वों द्वारा शासकीय जमीन पर कब्जा कर ऐश ब्रिक्स प्लांट का रास्ता रोका जा रहा है और उसे ऐसा करने से मना करने पर वह लड़ाई झगड़ा और मारपीट पर उतारू हो रहा है, जिसकी शिकायत मोपका पुलिस चौकी और सरकंडा थाने के साथ तहसील न्यायालय को भी की गई है ।

दरअसल ग्राम उरतुम में रविंद्र कुमार सिंह की पत्नी किरण सिंह के नाम से खसरा नंबर 815/1 और 813/4 में एक एकड़ 16 डिसमिल जमीन है, जिसमें उनका फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट संचालित है। इसी के ठीक सामने शासकीय जमीन है, जिस पर से होकर प्लांट में आने जाने का रास्ता है, लेकिन कुछ दिनों से प्लांट के सामने स्थित शासकीय जमीन पर ग्राम उरतुम के ही रहने वाले बाहुबली एव असामाजिक तत्व सौखीराम सूर्यवंशी, मनोज सूर्यवंशी और विनोद सूर्यवंशी द्वारा रास्ते को अवरोध कर वहां मिट्टी पाटा जा रहा है। ज्ञात हुआ है कि इस जमीन पर अवैध कब्जा कर यह लोग मकान निर्माण करना चाहते हैं। जब ग्रामीणों के साथ रविंद्र कुमार सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसा करने से तो उनके प्लांट में आने जाने का रास्ता ही बंद हो जाएगा तो सौखीराम और उसके रिश्तेदार गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। इन लोगों द्वारा रविन्द्र सिंह को जान लेने की इरादे से उसे टंगिया लेकर दौड़ाया भी गया। बताया जा रहा है कि गांव में सौखी राम सूर्यवंशी और उसके परिजनों का आतंक है। उनसे ग्रामीण भी डरते हैं।

मामले की शिकायत थाने के साथ तहसील न्यायालय में भी की गई है लेकिन अब तक बदमाशों के खिलाफ किसी तरह की कार्यवाही न होने से उनके हौसले बुलंद है और अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में उनके द्वारा किसी बड़े अपराध को अंजाम दिया जा सकता है। हैरानी की बात है कि सार्वजनिक तौर पर शासकीय जमीन पर कब्जा किया जा रहा है और इसकी जानकारी पुलिस एवं तहसील न्यायालय को देने के बावजूद उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। यही कारण है कि अपराधियों के हौसले बुलंद है । अगर सौखीराम सूर्यवंशी द्वारा शासकीय जमीन पर कब्जा कर लिया जाता है तो ऐश ब्रिक्स प्लांट में आने जाने का रास्ता ही बंद हो जाएगा और प्लांट का संचालन ठप्प हो जाएगा, जिस पर की रविंद्र कुमार सिंह और उनका परिवार ही नहीं बल्कि उनके कर्मचारी भी जीविकोपार्जन के लिए आश्रित हैं, इसलिए इस मुद्दे पर ठोस पहल की आवश्यकता है ताकि गांव में बड़ी अनहोनी होने से पहले ही ऐसे बदमाशों को रोका जा सके।

