

बिलासपुर
गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (सीयू) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। अंबेडकर हॉस्टल में खराब भोजन परोसे जाने का आरोप लगाते हुए हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने सोमवार रात कुलपति निवास का करीब दो घंटे तक घेराव किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद छात्र धरने पर बैठे रहे, लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचा।
छात्रों का आरोप है कि मेस ठेकेदार द्वारा लगातार घटिया और अस्वास्थ्यकर भोजन परोसा जा रहा है। प्रत्येक छात्र से प्रतिमाह 3370 रुपये मेस शुल्क वसूला जा रहा है, इसके बावजूद खाने की गुणवत्ता बेहद खराब है। छात्रों के अनुसार कभी भोजन में कीड़े निकलते हैं तो कभी ठंडा और बेस्वाद खाना दिया जाता है। सोमवार को भी मेस में परोसा गया भोजन खराब था, जिससे छात्रों का आक्रोश भड़क उठा।

छात्रों ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने एडमिन वार्डन वी.वी. चतुर्वेदी को सूचना दी थी, लेकिन आरोप है कि वार्डन ने छात्रों की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। छात्रों का कहना है कि वार्डन द्वारा की गई टिप्पणी से उनकी नाराजगी और बढ़ गई, जिसके बाद वे रात करीब 9 बजे कुलपति निवास का घेराव करने पहुंचे।
छात्रों ने मेस का ठेका बदलने की मांग करते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद मेस व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है और इससे छात्रों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सूचना मिलने पर चीफ वार्डन प्रतिभा जे. मिश्रा मौके पर पहुंचीं, लेकिन छात्रों का आरोप है कि उनकी बात सुने बिना ही वह लौट गईं।
इस मामले में सीयू मीडिया सेल प्रभारी प्रो. मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि अंबेडकर हॉस्टल के कुछ छात्रों द्वारा कुलपति निवास का घेराव किया गया था। उनके अनुसार, आधे से अधिक छात्र भोजन कर चुके थे और करीब 35 छात्रों ने बिना पूर्व सूचना के घेराव किया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में मेस ठेकेदार द्वारा भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि छात्रों द्वारा बेवजह हंगामा किया गया है तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है।
