

बिलासपुर।
मौजूदा सरकार द्वारा महात्मा गांधी के नाम से संचालित मनरेगा योजना के नाम में परिवर्तन करते हुए राम का नाम शामिल किए जाने और उसमें किए गए बदलावों के विरोध में कांग्रेस ने देशभर में आंदोलन छेड़ दिया है। इसी क्रम में बिलासपुर के गांधी चौक में कांग्रेसजनों द्वारा “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब, मज़दूर और ग्रामीण परिवारों के सम्मानजनक जीवन का आधार है। सरकार द्वारा योजना के स्वरूप और नाम में किए गए बदलाव मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।

धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस मज़दूरों के हक़ और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रही है और आगे भी इस लड़ाई को मजबूती से जारी रखेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मनरेगा में किए गए सभी बदलावों को तत्काल वापस लेने की मांग की।
‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं—
काम की गारंटी, मज़दूरी की गारंटी और जवाबदेही की गारंटी सुनिश्चित की जाए
मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी हो
काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली की जाए
न्यूनतम मज़दूरी ₹400 प्रतिदिन सुनिश्चित की जाए
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनहित, मज़दूर हित और संविधान की रक्षा के इस संघर्ष में कांग्रेस सदैव मज़दूरों के साथ खड़ी है और सरकार की नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी।
