
शशि मिश्रा

बिलासपुर।
नूतन चौक पर गुरुवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में जीजीयू की छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल युवक ने शुक्रवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में घायल तीसरे युवक को सिम्स से अपोलो अस्पताल रेफर किया गया है। कार चला रहा चौथा युवक पुलिस हिरासत में है। पुलिस प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण नशे में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना मान रही है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार रात नूतन चौक मोड़ पर कार अचानक अनियंत्रित हो गई। चालक ने बताया कि मोड़ पर कार सड़क से उतरने लगी थी, जिससे बचने के लिए उसने स्टीयरिंग घुमाया। इसी दौरान कार करीब 90 डिग्री मुड़ते हुए दूसरी लेन में जा खड़ी हुई और सामने से आ रही हाइवा से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। पुलिस अब मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
हादसे में जांजगीर जिले के लखाली गांव निवासी अंशु चंद्रा (24) की मौके पर ही मौत हो गई। अंशु बिलासपुर के कोनी स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में एमएससी की छात्रा थी और अशोक नगर में पीजी में रहकर पढ़ाई के साथ ऑक्सीडेशन कोचिंग क्लास में पार्ट-टाइम रिसेप्शनिस्ट की नौकरी कर रही थी।

वहीं गंभीर रूप से घायल हिमांशु राठौर ने शुक्रवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हिमांशु जांजगीर जिले के चांपा तहसील रोड का निवासी था। उसने एयू से एमसीए की पढ़ाई की थी। उसके पिता देवी दयाल राठौर सीएसईबी से सेवानिवृत्त हैं। हिमांशु तीन बहनों का इकलौता भाई था और माता-पिता उम्रदराज होने के कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले चारों युवक-युवती ने अशोक नगर स्थित हिमांशु के घर पर शराब पी थी। कार कोरबा निवासी नीरज द्विवेदी की थी, जो श्रीराम फाइनेंस में कार्यरत है और उसी समय कार चला रहा था। शराब पीने के बाद चारों होटल जाने के लिए निकले थे।

पुलिस को मृतका अंशु की जेब से एक होटल का कार्ड मिला, जिससे पता चला कि सभी लोग होटल के कमरा नंबर 302 में रुके थे। पुलिस ने होटल संचालक को निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति कमरे में किसी को प्रवेश न दिया जाए।
फिलहाल पुलिस ने कार चालक नीरज को हिरासत में ले लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि नशे में रश ड्राइविंग इस दर्दनाक हादसे की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है।
