

बिलासपुर। साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” के खिलाफ तारबाहर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों के खिलाफ देशभर में 60 से अधिक साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज हैं। मामले में तीन मोबाइल फोन जब्त कर तकनीकी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में नवनीत मिश्रा उर्फ विक्की पंडित (19), निवासी नवापारा अंबिकापुर, ऋषभ साहू (24), निवासी कम्पनी बाजार अंबिकापुर और राजा घरानी (22), निवासी डिगमा नेहरू नगर अंबिकापुर शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक थाना तारबाहर में दर्ज अपराध क्रमांक 155/2026 के तहत पहले 13 मई 2026 को आरोपी दीपेश कुमार गुप्ता को म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी इनपुट के आधार पर अंबिकापुर निवासी तीनों आरोपियों की भूमिका सामने आई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने अंबिकापुर पहुंचकर तीनों संदेहियों को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए बिलासपुर लाया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि दीपेश गुप्ता और गिरफ्तार आरोपी व्हाट्सएप तथा मोबाइल माध्यम से विभिन्न लोगों के बैंक खातों की जानकारी साझा करते थे और एक संगठित “म्यूल अकाउंट नेटवर्क” संचालित कर रहे थे।
प्रारंभिक तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने, ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जा रहा था। इन खातों से जुड़े मामलों में देश के विभिन्न राज्यों में 60 से ज्यादा साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि म्यूल अकाउंट सिंडिकेट साइबर अपराधियों के लिए “स्लीपर सेल” की तरह काम करते हैं। ये गिरोह सामान्य लोगों के बैंक खातों को कमीशन के बदले हासिल कर साइबर ठगों को उपलब्ध कराते हैं, जिससे ठगी की रकम तेजी से ट्रांसफर कर छिपाई जा सके और असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।
प्रकरण में तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनका तकनीकी परीक्षण जारी है। साथ ही आरोपियों और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
