साइबर ठगों का जाल: निवेश, नौकरी और बिजली मीटर के नाम पर लाखों की ठगी


बिलासपुर में अलग-अलग मामलों में चार लोग बने शिकार, पुलिस जांच में जुटी
बिलासपुर में साइबर अपराध और धोखाधड़ी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच, सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा, बिजली मीटर बदलने का बहाना और फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर ठगों ने अलग-अलग लोगों से लाखों रुपए ऐंठ लिए। शहर के सरकंडा, सिरगिट्टी और तोरवा थाना क्षेत्रों में सामने आए इन मामलों में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सबसे बड़ी ठगी का मामला सरकंडा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां चिंगराजपारा निवासी और सब्जी मंडी में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करने वाले 50 वर्षीय युगल किशोर देवांगन से 16 लाख 39 हजार रुपए की साइबर ठगी कर ली गई। पीड़ित के मुताबिक 8 दिसंबर को उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से संदेश आया था। मैसेज भेजने वालों ने खुद को “प्रॉफिट सिक्योरिटी शेयर ब्रोकिंग लिमिटेड” का प्रतिनिधि बताया और शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने का दावा किया। भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने फर्जी प्रॉफिट रिपोर्ट, पोर्टफोलियो और स्क्रीनशॉट भेजे। झांसे में आकर पीड़ित ने 8 दिसंबर से 5 फरवरी के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 16.39 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। जांच में पता चला कि कंपनी और निवेश प्लेटफॉर्म पूरी तरह फर्जी थे। शनिवार को पीड़ित ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसी तरह सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी का मामला सामने आया है। मुंगेली निवासी रामशरण यादव ने पुलिस को बताया कि विकास नगर निवासी राहुल राजपूत ने खुद को प्रभावशाली अधिकारियों का करीबी बताते हुए हॉस्टल वार्डन की नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया था। आरोपी की बातों में आकर पीड़ित ने जुलाई 2023 से अप्रैल 2024 के बीच नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 1 लाख 52 हजार रुपए दिए। नौकरी नहीं लगने पर जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी ने 22 मार्च 2025 को नोटरी के सामने स्टांप पेपर पर रकम लौटाने की लिखित सहमति दी। शिकायत के अनुसार आरोपी ने केवल 50 हजार रुपए लौटाए, जबकि बाकी 1 लाख 2 हजार रुपए वापस करने में लगातार टालमटोल करता रहा। पीड़ित ने पुलिस को बैंक ट्रांजेक्शन और व्हाट्सएप चैट के दस्तावेज भी सौंपे हैं। पुलिस ने आरोपी राहुल राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला भी साइबर ठगी का शिकार हो गई। बजरंग नगर आवासपारा निवासी सरस्वती देवी के पास 17 मार्च को एक अनजान व्यक्ति का फोन आया। कॉलर ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि नया बिजली मीटर लगाने के लिए 13 रुपए का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करना होगा। बातचीत के दौरान ठग ने महिला से एटीएम कार्ड के आखिरी चार अंक भी हासिल कर लिए। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक की सिरगिट्टी शाखा स्थित खाते से पहले 60 हजार और फिर 10 हजार रुपए निकाल लिए गए। खास बात यह रही कि खाते से रकम कटने का कोई मैसेज महिला के मोबाइल पर नहीं आया। करीब दो महीने बाद 8 मई को बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर ठगी का खुलासा हुआ। खाते में जमा 70 हजार 693 रुपए में से अधिकांश रकम गायब थी। इसके बाद महिला ने सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं, तोरवा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक को वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 20 हजार रुपए ठग लिए गए। कासिमपारा निवासी शेख एजाज ने नौकरी की तलाश में अपना बायोडाटा एक ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर अपलोड किया था। कुछ समय बाद उसके पास एक ई-मेल आया, जिसमें वन विभाग में लाइट व्हीकल ड्राइवर पद पर चयन होने की जानकारी दी गई। इसके बाद खुद को वन विभाग का अधिकारी बताने वाले अजीत कुमार ने फोन कर जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर पैसों की मांग की। पीड़ित ने 16 जनवरी 2026 को तीन अलग-अलग किस्तों में कुल 20 हजार रुपए गूगल-पे के जरिए राधिका देवी नाम की महिला के खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में आरोपी ने उसे 28 जनवरी को सूरजपुर वन विभाग कार्यालय बुलाया, लेकिन वहां पहुंचने पर न तो आरोपी मिला और न ही उसका फोन लगा। विभागीय पूछताछ में पता चला कि वहां कोई रिक्त पद नहीं है और अजीत कुमार नाम का कोई अधिकारी पदस्थ भी नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने एक बार फिर साइबर ठगों के सक्रिय नेटवर्क की पोल खोल दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि निवेश, नौकरी या किसी सरकारी प्रक्रिया के नाम पर आने वाले अनजान कॉल, मैसेज और ई-मेल पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी अनजान खाते में रकम ट्रांसफर करने से पहले संबंधित संस्था और व्यक्ति की जानकारी की पुष्टि जरूर करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!