फर्जी पुलिस और बैंक एजेंट बनकर ठगी, दो मामलों में पुलिस जांच शुरू

बिलासपुर। जिले में ठगी के दो अलग-अलग मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर फर्जी पुलिसकर्मियों ने ट्रक चालक का अपहरण कर कार्रवाई का डर दिखाते हुए पैसे ऐंठ लिए, वहीं दूसरी ओर बैंक एजेंट बनकर आरोपियों ने लोन सेटलमेंट के नाम पर 60 हजार रुपए की ठगी कर ली। दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहला मामला सकरी थाना क्षेत्र के सेंदरी इलाके का है। जानकारी के अनुसार उमरिया (मध्यप्रदेश) निवासी सुरेंद्र जायसवाल 6 चक्का ट्रक में शहडोल की तिरुपति ट्रांसपोर्ट का गेहूं और तंबाकू लेकर जा रहा था। इसी दौरान सेंदरी के पास कार सवार दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर ट्रक रुकवाया। आरोपियों ने ट्रक की तलाशी ली और कार्रवाई का डर दिखाकर चालक को अपने साथ ले गए।

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने ट्रांसपोर्ट मालिक को फोन कर कार्रवाई से बचाने के नाम पर कियोस्क सेंटर के जरिए 8 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद ट्रक चालक को बिलासपुर के पुराने बस स्टैंड के पास छोड़कर फरार हो गए। शहडोल पहुंचने के बाद चालक ने पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

वहीं दूसरा मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है, जहां आईडीएफसी बैंक के नाम पर फर्जी एजेंट बनकर 60 हजार रुपए की ठगी की गई। छतौना निवासी रंजेश कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी साली कंचन सिंह ने वर्ष 2022 में इलेक्ट्रिक स्कूटी फाइनेंस कराई थी। कंचन की मृत्यु के बाद भी लोन की किस्तों को लेकर दबाव बनाया जा रहा था।

इसी दौरान निशा कुमारी सूर्यवंशी नामक महिला ने खुद को बैंक एजेंट बताते हुए 60 हजार रुपए में पूरा लोन सेटल करने और एनओसी दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने भरोसा दिलाने के लिए बैंक की फर्जी रसीदें भी दीं। पीड़ित ने अलग-अलग खातों में रकम जमा कर दी, लेकिन बाद में बैंक पहुंचने पर रसीदें फर्जी निकलीं और कोई एनओसी जारी नहीं हुई।

मामले की शिकायत मिलने के बाद चकरभाठा पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों मामलों में पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!