


बिलासपुर/मस्तूरी। मस्तूरी गोलीकांड को पांच माह बीत जाने के बाद भी मामले के मुख्य आरोपी नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।
सोमवार देर रात एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की टीम ने सूचना के आधार पर नागेंद्र राय के घर छापा मारा। पुलिस को खबर मिली थी कि वह चोरी-छिपे घर आया हुआ है और परिजनों से मिलने की कोशिश कर रहा है। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने घर की घेराबंदी कर तलाशी ली और परिजनों से पूछताछ की, लेकिन नागेंद्र राय का कोई पता नहीं चला। परिजनों ने भी उसकी मौजूदगी से इनकार किया।
पुलिस की टेक्निकल टीम भी दोनों फरार आरोपियों का सुराग नहीं जुटा पा रही है। उनके रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है, बावजूद इसके अब तक कोई अहम जानकारी सामने नहीं आई है। एसएसपी ने टेक्निकल टीम को मामले के सभी बिंदुओं की दोबारा गहन जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
29 अक्टूबर को हुई थी वारदात
गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को मस्तूरी बस स्टैंड स्थित एक कार्यालय में जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह अपने साथियों के साथ बैठे थे। इसी दौरान नकाबपोश बाइक सवार वहां पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में नीतेश सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
जांच में सामने आया कि मामला आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, इस घटना में युवा कांग्रेस नेता विश्वजीत अनंत और उसके गिरोह की भूमिका पाई गई। पूरे हमले की साजिश नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले द्वारा रची गई थी, वहीं अकबर खान की संलिप्तता के भी साक्ष्य मिले हैं।
11 आरोपी जेल में, एक नाबालिग बाल संरक्षण गृह में
पुलिस ने इस मामले में अब तक विश्वजीत अनंत, अकबर खान और उसके भाई सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक नाबालिग आरोपी को बाल संरक्षण गृह में रखा गया है। वहीं एक आरोपी की जमानत हाईकोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी है।
इसके बावजूद, इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले अब भी फरार हैं।
