शक्ति की भक्ति और श्री राम के आदर्शों का महासंगम: पीताम्बरा पीठ में देवी भागवत महापुराण संपन्न, 27 मार्च को रामनवमी के अवसर पर राम कथा और कन्या पूजन, भोजन, भंडारा का होगा आयोजन


न्यायधानी बिलासपुर के सरकण्डा स्थित श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर में चल रहे चैत्र वासंतिक नवरात्र महोत्सव ने अपनी दिव्यता के उच्चतम शिखर को स्पर्श कर लिया है। पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज के पावन संरक्षण में संचालित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ का आठवें एवं नौवें सोपान की सम्मिलित कथा के साथ गरिमामय समापन हुआ। ज्ञान की इस अविरल धारा के विश्राम के पश्चात, 27 मार्च को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर श्री राम कथा का आयोजन प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक तत्पश्चात 12:00 बजे श्री रामचंद्र जी की महाआरती और शक्ति स्वरूपा कन्याओं के पूजन, भोजन और भंडारा का आयोजन प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक किया जाएगा।
देवी भागवत कथा का मंगलमय समापन: सिद्धि और शक्ति का अद्भुत समन्वय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के अंतिम सत्र में कथावाचक आचार्य श्री मुरारीलाल त्रिपाठी ‘राजपुरोहितजी ‘ ने माँ महागौरी और माँ सिद्धिदात्री के स्वरूपों का संयुक्त विवेचन किया।


अष्टमी-नवमी सोपान का सार: आचार्य जी ने बताया कि माँ महागौरी जहाँ अंतर्मन की शुचिता और कठिन तप का प्रतीक हैं, वहीं माँ सिद्धिदात्री ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों को प्रदान करने वाली आदि शक्ति हैं। कथा के अंतिम चरण में देवी भागवत के सार तत्व को समझाते हुए आचार्य जी ने कहा कि “शक्ति की उपासना ही संसार का आधार है, और नौ दिनों की यह तपस्या भक्तों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेगी।”
कथा विश्राम: पुष्प वर्षा और जयकारों के बीच श्रीमद् देवी भागवत महापुराण को विधि-विधान से विश्राम दिया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया।
27 मार्च: न्यायधानी में बहेगी श्री राम कथा की अमृत धारा और मनेगा जन्मोत्सव
शक्ति की पूर्णता के उपरांत अब ‘भक्ति’ का विशेष पर्व राम नवमी अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जाएगा।श्री राम कथा का दिव्य प्रवाह प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक प्रभु श्री राम के आदर्श जीवन, उनके संघर्षों और धर्म की स्थापना हेतु किए गए उनके प्रयासों पर आधारित ‘विशेष राम कथा’ का आयोजन होगा। यह कथा भक्तों को श्री रामचंद्र जी के चरित्र को जीवन में उतारने की प्रेरणा देगी।


मध्याह्न महा-आरती (भय प्रगट कृपाला): दोपहर के 12:00 बजे , शंखनाद, घंटियों की ध्वनि और वेद मंत्रों के बीच भगवान श्री रामचंद्र जी की भव्य महा-आरती संपन्न की जाएगी।
कन्या पूजन एवं विशाल भंडारा: ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ नवरात्र और देवी भागवत की पूर्णता साक्षात शक्ति के पूजन के बिना अधूरी है। इसी क्रम में 27 मार्च को मंदिर परिसर में कन्या पूजन एवं भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

रात्रिकालीन हवन और पूर्णाहूति का संकल्प
देवी भागवत की शास्त्रीय मर्यादा के अनुसार, रात्रिकालीन विशेष हवन का आयोजन किया गया। मध्य रात्रि में पीठाधीश्वर डॉ. दिनेश जी महाराज की उपस्थिति में अग्नि देव को आहुतियां अर्पित की गयी।यह हवन न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करेगा, बल्कि इसका उद्देश्य विश्व कल्याण, लोक-शांति और न्यायधानी की समृद्धि सुनिश्चित करना है।
पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज का आशीर्वचन
आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने अपना संदेश दिया कि “शक्ति और राम एक-दूसरे के पूरक हैं। जहाँ शक्ति मर्यादा का पथ प्रदर्शित करती है, वहीं राम उस पथ पर चलकर विजय प्राप्त करते हैं। पीताम्बरा पीठ में कन्या पूजन के माध्यम से हम समाज को नारी शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा और सम्मान का संदेश देना चाहते हैं। श्री राम कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। मैं समस्त नगरवासियों को इस महापर्व पर आमंत्रित करता हूँ कि वे उपस्थित होकर प्रभु की कृपा प्राप्त करें।”

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