अमाली में कोल वाशरी के स्थापना से कृषि भूमि फसल जल स्रोत तथा ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव होगा-अटल श्रीवास्तव

यूनुस मेमन

कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने ग्राम अमाली में कोल वाशरी के स्थापना का मुददा विधानसभा में ध्यानआकर्षित किया कि ग्राम अमाली में मेसर्स विराज अर्थफ्यूजन प्रा.लि द्वारा कोलवाशरी का स्थापना किया जा रहा है। कोल वाशरी के निर्माण एवं संचालन से आसपास के ग्राम अमाली बिल्लीबंद नवागांव सिल्दहा कुवांरीमुड़ा सल्का पोड़ी चंगोरी गोबरीपाठ अमने पीपरतराई कलारतराई छेरकाबांधा जोगीपुर खुरदूर सहित 20 गांवों में पर्यावरण प्रदूषण की गंभीर आशंका उत्पन्न होगी । कोल वाशरी से निकलने वाली धूल, गंदा पानी एवं रासायनिक अपशिष्ट के कारण उक्त गावों की कृषि भूमि फसलें जल स्रोत तथा ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। कोलवाशरी भैसाझार डेम चापी नाला घोंघा जलाशय अरपा नदी सल्का बैराज जैसे जल स्त्रोत्र से मात्र 2 से 5 कि.मी के निकट प्रस्तावित है। जिससे पूरे क्षेत्र का जलजीवन प्रभावित होगा। प्रोजेक्ट स्थल से लोरमी आरएफ कुआंजति आरएफ रतनपुर पीएफ बेलगहना पीएफ शिवतराई पीएफ समीप है एवं अचानकमार टाईगर रिजर्व मात्र 10 कि.मी दूर है। अचानकमार टाईगर रिजर्व एवं आसपास के जंगलो मे रहने वाले शेर तेंदुआ भालू हिरण जंगली भैसा सहित विशेष संरक्षित प्रजाति के जीवजंतु कोल वाशरी से निकलने वाली धूल, धुआं गंदा पानी एवं रासायनिक अपशिष्ट से प्रभावित होंगे तथा संरक्षित प्रजाति के वृक्ष पुष्प एवं झाड़ियों पर प्रतिकुल प्रभाव होगा। वही प्रस्तावित कोलवाशरी द्वारा 490 केएलडी भूमिगत जल का उपयोग किया जाएगा जिससे आस पास के प्रभावित ग्रामों में पेयजल एवं कृषि कार्य हेतु जल आपूर्ति की विकट स्थिति निर्मित होगी। यह क्षेत्र पेसा अधिनियम के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र है, जहाँ किसी भी औद्योगिक गतिविधि के लिए ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा की सहमति के बिना अथवा गलत तरीके से सहमति लेकर कोल वाशरी का निर्माण किया जा रहा।

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