

रायगढ़, 20 फरवरी। रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता के एक होटल में रेड मारकर पांच नामी सटोरियों सहित उनके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 25 मोबाइल, तीन लैपटॉप, एक टैबलेट, एक कैलकुलेटर और नगद 3600 रुपये सहित करीब 6.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच में पिछले एक माह में करोड़ों रुपये के दांव लगाए जाने का खुलासा हुआ है।
कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी कोलकाता के हावड़ा स्थित एक होटल से विभिन्न राज्यों में चल रहे वर्ल्ड कप क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। सट्टा ‘जेएमडी क्रिकेट बेटिंग एप’ के माध्यम से खिलाया जा रहा था।
स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में धर्मेंद्र शर्मा, शेख मोहम्मद शाहबाज, मोहम्मद मजहर, मोहम्मद फारूख और रोहित बुटानी शामिल हैं। ये सभी पूर्व में दर्ज मामलों में फरार चल रहे थे और इनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी था। पुलिस ने वारंट तामील करते हुए सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की है।
साथ ही अंकित सराफ और अजीत विश्वास को भी मौके से पकड़ा गया है। उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि 23 अप्रैल 2025 को कोतवाली एवं साइबर सेल की टीम ने गांजा चौक पर कार्रवाई कर अमित अग्रवाल को क्रिकेट सट्टा नोट करते पकड़ा था। मामले में अपराध क्रमांक 173/2025 धारा 7 जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसी तरह 22 अप्रैल 2025 को चक्रधरनगर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा खिलाते दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन मामलों में भी कई आरोपी फरार थे, जिनके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी हुआ था।
कोलकाता में रेड
विश्वसनीय सूचना मिलने पर साइबर थाना, चक्रधरनगर और कोतवाली की संयुक्त टीम को कोलकाता रवाना किया गया। टीम ने होटल में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। कमरे से ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़े उपकरण और हिसाब-किताब की डायरी बरामद की गई। जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “जुआ-सट्टा में संलिप्त आरोपी कहीं भी छिपे हों, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। रायगढ़ में जुआ-सट्टा पूर्णतः बंद कराने हर सटोरी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
इस कार्रवाई में एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में कोतवाली व साइबर थाना की टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
