काम दिलाने के नाम पर गया युवक दो माह से लापता, मायके आ रही महिला तीन बच्चों संग गायब, पुलिस तलाश में जुटी


बिलासपुर। जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से दो गुमशुदगी के मामले सामने आए हैं, जिनसे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। एक ओर शादी तय होने के बाद काम की तलाश में गया युवक अपने साथी के साथ दो माह से लापता है, वहीं दूसरी ओर मायके आने निकली महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ रहस्यमय ढंग से गायब हो गई है। दोनों मामलों में मोबाइल फोन बंद हैं और पुलिस जांच में जुटी हुई है।
पहला मामला कोनी थाना क्षेत्र का है। ग्राम गतौरी निवासी अमर कुमार ओगरे (21) पिता छोटेलाल ओगरे को 10 नवंबर 2025 को काम दिलाने के नाम पर उसके साथी घनश्याम धोबी (35) अपने साथ ले गया था। घनश्याम बलौदा बाजार जिले के थाना बिलईगढ़ अंतर्गत ग्राम ललमटिया का निवासी है और रायपुर में रहने वाले अमर के दामाद का परिचित बताया गया है। दोनों ने परिजनों को नागपुर (महाराष्ट्र) जाकर होटल में काम करने की जानकारी दी थी।
अमर का मोबाइल नंबर 31 दिसंबर तक चालू था, जिससे वह घरवालों से बातचीत करता रहा। बाद में उसने दूसरे नंबर से फोन कर बताया कि उसका मोबाइल गुम हो गया है। कुछ दिनों तक उस नंबर से भी संपर्क हुआ, लेकिन इसके बाद वह नंबर भी बंद हो गया। अमर के पिता छोटेलाल के अनुसार 1 जनवरी से दोनों युवकों से किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पा रहा है। अमर की शादी तय हो चुकी है और विवाह की तिथि भी नजदीक है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। घनश्याम की पत्नी और दो छोटे बच्चे भी उसके लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
परिजनों का आरोप है कि कई बार थाने जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। वर्तमान और पूर्व सरपंच के साथ पहुंचने पर जाकर गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज की गई। कोनी थाना प्रभारी भावेश शेंडे ने बताया कि दोनों मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाली जा रही है और लोकेशन मिलने पर पुलिस टीम रवाना की जाएगी।


दूसरा मामला कबीरधाम जिले से जुड़ा है, जहां पांडातराई वार्ड क्रमांक 15 निवासी बिसेन कार्निक (34) की पत्नी पुष्पनंदनी कार्निक (26) अपने तीन मासूम बच्चों के साथ लापता हो गई है। 2 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे पुष्पनंदनी इलाज के नाम पर बच्चों को साथ लेकर शारदा बस से मायके बिलासपुर आने के लिए निकली थी। शाम तक जब पति ने संपर्क किया तो दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले। ससुराल और रिश्तेदारों के यहां पूछताछ के बाद भी महिला का कोई पता नहीं चला।
परिजनों ने रातभर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर खोजबीन की। अगले दिन बस चालक से पूछताछ करने पर उसने महिला और बच्चों को महाराणा प्रताप चौक के पास उतारने की बात बताई। इसके बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस महिला और बच्चों की तलाश कर रही है।
दोनों ही मामलों में मोबाइल बंद होना और लंबे समय से संपर्क न होना परिजनों की चिंता बढ़ा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जल्द ही सुराग मिलने की उम्मीद है।

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