जिले में बीट प्रणाली सुदृढ़, 24×7 गश्त से अपराध नियंत्रण और सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर

आकाश दत्त मिश्रा


बिलासपुर।
जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा आम जनता से प्रभावी समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से बीट प्रणाली (Beat System) को मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) के अनुसार प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बीट प्रणाली को और अधिक मजबूत किया गया है।
बीट अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही, किरायेदारों एवं नवागंतुकों की जानकारी संधारित करेंगे। साथ ही आम नागरिकों से सतत संवाद स्थापित कर प्रारंभिक सूचना संकलन, अपराध की रोकथाम एवं जन-विश्वास को मजबूत करने का कार्य किया जाएगा।
बीट में आवंटित मोटर साइकिलों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है, जिससे पुलिस की निरंतर उपस्थिति और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। इससे पुलिस की दृश्यता बढ़ेगी, त्वरित कार्रवाई संभव होगी और सामुदायिक पुलिसिंग को नई मजबूती मिलेगी।


जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक बीट में 6 आरक्षक तैनात किए गए हैं, जो प्रातः, सायं एवं रात्रि तीन शिफ्टों में 24×7 गश्त एवं निगरानी करेंगे। शहरी बीट क्षेत्रों में बाजार, भीड़भाड़ वाले स्थान, स्लम बस्तियां, स्कूल–कॉलेज, एटीएम, बस एवं रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थलों को शामिल किया गया है। वहीं ग्रामीण बीट प्रणाली के अंतर्गत 3 से 6 गांव, खेत-खलिहान, जलस्रोत, वन सीमा क्षेत्र, बंदोबस्त क्षेत्र एवं दुर्घटनाजन्य स्थानों को कवर किया गया है।
बीट अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित भ्रमण कर संदिग्ध व्यक्तियों, अपराधी तत्वों, हिस्ट्रीशीटरों एवं बाहरी आगंतुकों पर सतत निगरानी रखें। नशा, जुआ-सट्टा, चोरी, नकबजनी, छेड़छाड़ एवं गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। नशे के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर इसके नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इसके साथ ही बीट अधिकारी स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, दुकानदारों, चौकीदारों, सरपंच, कोटवार एवं शिक्षकों से निरंतर संपर्क स्थापित करेंगे। भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद एवं सामुदायिक रूप से संवेदनशील मामलों की समय रहते जानकारी एकत्र कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
रात्रिकालीन गश्त विशेष रूप से रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के मध्य प्रभावी रूप से की जाएगी। प्रत्येक बीट में बीट रजिस्टर एवं बीट डायरी का नियमित संधारण, अपराध मानचित्रण, घटनाओं का विश्लेषण तथा प्रमुख स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और क्यूआर कोड के माध्यम से पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!