
यूनुस मेमन

बिलासपुर। नेशनल हाईवे-130 पर स्थित हाईवे किंग ढाबा के पास हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का रतनपुर पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई स्विफ्ट डिजायर कार, तीन मोबाइल फोन एवं 8 हजार रुपये नकद की 100 प्रतिशत बरामदगी की है। साथ ही घटना में प्रयुक्त क्रेटा और अर्टिगा कार सहित चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 01 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 3:35 बजे प्रार्थी विजय कुमार राज (48 वर्ष) निवासी तिवरता, थाना दीपका, जिला कोरबा, अपनी तीन महिला रिश्तेदारों के साथ स्विफ्ट डिजायर कार से बिल्हा क्षेत्र में मेला देखकर लौट रहे थे। इसी दौरान रतनपुर के पहले हाईवे किंग ढाबा के पास वाहन रोकने पर दो कारों में सवार चार युवकों ने प्रार्थी से मारपीट कर उसकी कार, तीन मोबाइल फोन एवं महिला पर्स में रखे 7–8 हजार रुपये लूट लिए और फरार हो गए।

घटना की रिपोर्ट पर थाना रतनपुर में अपराध क्रमांक 76/26 धारा 126(2), 309(4), 3, 5 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (उप पुलिस महानिरीक्षक) श्री रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह एवं एसडीओपी श्रीमती नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जिला कोरिया एवं अंबिकापुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि प्रार्थी द्वारा तंत्र-मंत्र व पूजा-पाठ से पैसे दोगुने करने का झांसा देकर उनसे लगभग 2.5 लाख रुपये की ठगी की गई थी। राशि वापस न मिलने पर आक्रोशित होकर आरोपियों ने पीछा कर लूट की वारदात को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपियों में
विद्यादास महंत (43), रामसुंदर (32), राजीव कुमार सिंह (37) एवं गुलशन कुजुर (47) शामिल हैं। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने स्पष्ट कहा है कि झाड़-फूंक, तंत्र विद्या या पैसे दोगुने करने का झांसा देने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाएगी।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नीलेश पाण्डेय, उप निरीक्षक मेलाराम कठोतिया, प्रधान आरक्षक सैय्यद अकबर अली, आरक्षक शशिकांत तिवारी, मनीष जायसवाल एवं देवानंद चंद्राकर का विशेष योगदान रहा।
