
शशि मिश्रा

बिलासपुर।
जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। तखतपुर विकासखंड स्थित शासकीय हाई स्कूल सिलतारा में कार्यरत एक सफाईकर्मी को बिना किसी पूर्व सूचना और बिना उसकी बात सुने नौकरी से हटा दिए जाने का आरोप लगा है। इस संबंध में पीड़ित कर्मी ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित सफाईकर्मी डोमन राम साहू का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से स्कूल में ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे रहा था। उसे प्रतिमाह मात्र 3000 रुपये मानदेय मिलता था, उसी सीमित राशि से वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। डोमन राम का आरोप है कि स्कूल के वर्तमान प्राचार्य द्वारा उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अंततः बिना कोई कारण बताए अचानक नौकरी से हटा दिया गया।
डोमन राम साहू ने बताया कि न तो उसे किसी प्रकार का नोटिस दिया गया और न ही उसकी कोई सुनवाई की गई। अचानक रोजगार छिन जाने से उसका परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। घर की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है और परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है।
पीड़ित सफाईकर्मी ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और उसे पुनः कार्य पर रखने की मांग की है। उसने कहा कि यदि नियमों के अनुसार कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसे बताकर सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए था।
यह मामला न केवल प्रशासनिक नियमों की अनदेखी की ओर इशारा करता है, बल्कि शासकीय संस्थानों में कार्यरत गरीब और संविदा कर्मचारियों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता
