

बिलासपुर।
जिले के लिए इस वर्ष का गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक होने जा रहा है। पहली बार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं बिलासपुर में ध्वजारोहण करेंगे। इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि इस अवसर को विशेष और यादगार बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं।
समय-सीमा (टीएल) बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री गणतंत्र दिवस से एक दिन पूर्व बिलासपुर पहुँचेंगे। हालांकि उनका विस्तृत कार्यक्रम अलग से जारी किया जाएगा, लेकिन यह तय है कि बिलासपुर से मुख्यमंत्री का प्रदेश के नाम संदेश जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोजन को बेहतर और सुव्यवस्थित स्वरूप देने पर प्रशासन गंभीरता से काम कर रहा है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक को लेकर कहा कि विभागीय अधिकारियों के साथ साप्ताहिक और मासिक समीक्षा बैठकें नियमित रूप से की जाती हैं। इन बैठकों में शासन की योजनाओं की प्रगति, जमीनी क्रियान्वयन और आम जनता तक लाभ पहुँचाने की रणनीति पर चर्चा होती है। उन्होंने बताया कि आज की बैठक में भी इन्हीं बिंदुओं के साथ आगामी कार्यक्रमों और तैयारियों पर फोकस किया गया।
यातायात दबाव कम करने पर जोर
सड़क सुरक्षा और बढ़ते यातायात दबाव के सवाल पर कलेक्टर ने कहा कि शहर की आबादी और गतिविधियाँ बढ़ने से दबाव स्वाभाविक है, लेकिन इसे कम करने के लिए लगातार नई सड़क परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। शनिचरी चौक क्षेत्र में कार्य प्रारंभ हो चुका है, वहीं मंगल क्षेत्र में भी सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसके अलावा शहर के लिए फ्लाईओवर का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिस पर आगे निर्णय अपेक्षित है।
जनदर्शन में रोज़ाना मिल रही समस्याएँ
कलेक्टर ने बताया कि जनदर्शन कार्यक्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचते हैं। कहीं सड़क निर्माण की मांग है, कहीं चौड़ीकरण, कहीं पेयजल संकट तो कहीं खेल मैदान या स्टेडियम जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और प्रशासन का प्रयास है कि जनता की बढ़ती अपेक्षाओं पर खरा उतरा जाए।
आगामी बजट से उम्मीदें
आगामी बजट को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि इस बार बिलासपुर को सड़क और अन्य बुनियादी परियोजनाओं के लिए बेहतर बजट मिलने की संभावना है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
एसडीएम और तहसील कार्यालय की शिफ्टिंग पर स्पष्ट रुख
एसडीएम कार्यालय और तहसील कार्यालय की शिफ्टिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन से अनुमति मिलने के बाद ही स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए जल्द आदेश जारी होंगे, टेंडर निकाला जाएगा और पूरी प्रक्रिया विधिवत पूरी की जाएगी।
टीएल बैठक के बाद हुई इस बातचीत से यह साफ संकेत मिला कि प्रशासन न केवल आगामी गणतंत्र दिवस आयोजन को लेकर पूरी तरह सजग है, बल्कि बिलासपुर के दीर्घकालिक विकास, यातायात सुधार और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी ठोस कदम उठा रहा है।
