मुंगेली जिले में करोड़ों रुपए के धान की हेराफेरी

मुंगेली जिले में धान खरीदी व्यवस्था से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। इस घटना से प्रदेश के राइसमिलरो में हड़कम्प मच गया है। सरकारी योजनाओं की आड़ मे करोड़ों रुपये के धान की हेराफेरी की आशंका के बीच जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में जिले की प्रमुख उपलेटा राइस मिल को सील कर दिया गया है।

कलेक्टर कुंदन कुमार और एसपी भोजराम पटेल खुद मौके पर पहुंचे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन और प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी धन और किसानों की मेहनत से जुड़े इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। एसडीएम अजय शतरंज और तहसीलदार कुणाल पांडे सहित राजस्व टीम ने जांच शुरू कर दी है। प्रशासन के अनुसार एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम ने पूरे प्रदेश में 786 संदिग्ध अलर्ट चिन्हित किए, जिनमें सबसे ज्यादा अलर्ट मुंगेली जिले से आए। जांच में सामने आया कि कुछ गाड़ियों ने अपनी क्षमता से 2000

उपलेटा राइस मिल को प्रशासन ने किया सील

प्रतिशत तक ज्यादा धान परिवहन दिखाया, जो तकनीकी रूप से असंभव है। इसी आधार पर उपलेटा राइस मिल और नवागांव घुटेरा धान खरीदी केंद्र को जांच के दायरे में लिया गया है। जांच टीम को यह भी संकेत मिले कि खरीदी केंद्र और मिलर्स के बीच गहरी साठगांठ है। एक ही गेट पास का बार बार इस्तेमाल, जीपीएस ट्रैकिंग में हेराफेरी और मिलिंग रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई। एमएसपी पर खरीदे गए धान को अवैध तरीके से बाजार में खपाने की आशंका जताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने कई अहम सबूत जब्त किए। उपलेटा राइस मिल

को सील किया गया। 9 ट्रक धान जब्त, जिनमें 3 गाड़ियां एआई रिपोर्ट में संदिग्ध मिलिंग रिकॉर्ड और बैंक गारंटी दस्तावेज जब्त, जीपीएस डेटा और ट्रांसपोर्ट लॉग की जांच की गई। एफसीआई को चावल जमा न करने के मामलों की पड़ताल, क्रमबद्ध कार्रवाई की तस्वीर शामिल है। खाद्य विभाग ने स्टॉक सत्यापन किया है। संदिग्ध गाड़ियों को थाने में खड़ा कराया गया। मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही जिले की अन्य मिलों की भी स्क्रीनिंग की जा रही है।

कलेक्टर-एसपी ने किया निरीक्षण

किसानों पर असर और प्रशासन की मंशा- इस घोटाला से एमएसपी पर खरीदे गए धान का लाम किसानों तक पहुंचने के बजाय बिचौलियों की जेब में जाने की आशंका है, प्रशासन ने स्पष्ट किया है, कि नुकसान का आकलन कर किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी. आने वाले समय में सभी खरीदी केंद्रों पर एआई आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग अनिवार्य की जाएगी।

सिस्टम के जांच की शुरूआत

कलेक्टर कुंदन कुमार ने बताया कि मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और फूड सेक्रेटरी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद सामने आई थी कि एआई आधारित इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने मुंगेली को धान घोटाले का हॉटस्पॉट माना था। रिपोर्ट में जिले से 370 गंभीर अलर्ट सामने आए थे। इनमें डीओ ऑर्डर की अनियमितताएं, गाड़ियों की क्षमता से कई गुना ज्यादा परिवहन और जीपीएस डेटा में छेड़छाड़ जैसे चौंकाने वाले तथ्य शामिल थे। यह कार्रवाई केवल एक मिल तक सीमित नहीं मानी जा रही है, बल्कि इसे पूरे सिस्टम की जांच की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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