लाल खदान में गुंडागर्दी से दहशत, सन्त का अपमान, पंच प्रतिनिधि पर हमला; एट्रोसिटी एक्ट न लगाने पर आक्रोश

शशि मिश्रा

बिलासपुर।
लाल खदान क्षेत्र एक बार फिर अराजक तत्वों की गुंडागर्दी को लेकर चर्चा में है। क्षेत्र में लंबे समय से बाहुबली और बदमाश तत्वों का वर्चस्व रहा है। नई पंचायत द्वारा गांव को अपराध मुक्त बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के कारण यह मुहिम बार-बार बाधित हो रही है।
ताजा मामला ग्राम महमंद का है। वार्ड क्रमांक 6 संत नगर लाल खदान निवासी एवं ग्राम महमंद के पंच प्रतिनिधि रामानंद टंडन 19 जनवरी की शाम जानकी मेडिकल स्टोर दवा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान इलाके का कुख्यात बदमाश सरोज यादव अपने साथी सोनू यादव के साथ वहां पहुंचा और बिना किसी उकसावे के रामानंद टंडन के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।


बताया जा रहा है कि नए सरपंच और पंच गांव में अपराध खत्म करने की मुहिम चला रहे हैं, जिससे बदमाश तत्व बौखलाए हुए हैं। गांव में गुरु घासीदास जयंती को लेकर लगाए जा रहे बैनर-पोस्टर पर भी आरोपियों को आपत्ति थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने अश्लील और जाति सूचक गालियां देते हुए कहा, “तुम लोग पंच बने हो, प्रधानमंत्री नहीं… तुम्हारी सारी हेकड़ी निकाल दूंगा।” इतना ही नहीं, रामानंद टंडन और माधव साहू को गोली मारने की धमकी भी दी गई।
आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने छत्तीसगढ़ी आस्था के प्रतीक संत गुरु घासीदास बाबा के खिलाफ भी बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की और रामानंद टंडन की बांस से पिटाई कर दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। सरोज यादव और उसके साथी पहले भी गांव में मारपीट, धमकी और आतंक फैलाने जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। उनकी हरकतों से पूरे गांव में डर का माहौल है। जाति सूचक गाली-गलौज और संत के अपमान को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग में भारी आक्रोश है।
इस मामले की शिकायत तोरवा थाने में की गई, जहां पुलिस ने सामान्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार आग्रह के बावजूद आरोपियों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसे लेकर गांव में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्राम महमंद के सभी पंच, सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण एक बार फिर तोरवा थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट लगाने, उन्हें गुंडा सूची में शामिल करने तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब खुलेआम गुंडागर्दी हो रही है और गुरु घासीदास जैसे महान संत का अपमान किया जा रहा है, तो आरोपियों को कानून का डर क्यों नहीं दिखाया जा रहा।
अब इस पूरे मामले में गेंद तोरवा थाना प्रभारी के पाले में है। देखना होगा कि पुलिस कब और किस तरह की त्वरित व सख्त कार्रवाई कर गांव में शांति और कानून व्यवस्था कायम करती है।

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