
बिलासपुर। सेंट्रल जेल में बंदी नीलू जगत की हत्या के मामले में प्रशासन और पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच के आधार पर घटना के समय ड्यूटी पर तैनात चक्करदार जेल प्रहरी धरम कोठारी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं न्यायिक जांच के तहत ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अनूप तिग्गा ने जेल पहुंचकर मामले की पड़ताल की।
बुधवार सुबह सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट फोरेंसिक टीम के साथ सेंट्रल जेल पहुंचे। जांच दल ने घटना स्थल ई-1 बैरक का बारीकी से निरीक्षण किया और हत्या में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाले कंक्रीट स्लैब, खून के धब्बों समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जांच के दौरान टीआई किशोर केंवट ने घटना की पूरी समयावधि से संबंधित जानकारी जुटाई और जेल अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने की पूछताछ
ज्यूडिशियल इंक्वायरी के तहत दोपहर करीब 12 बजे ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अनूप तिग्गा सेंट्रल जेल पहुंचे। उन्होंने जेल प्रशासन से घटना से संबंधित जानकारी ली और सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया। मजिस्ट्रेट ने परिजनों की मौजूदगी में फुटेज दिखाने की बात कही थी, लेकिन परिजनों ने समय अधिक लगने का हवाला देते हुए आने से इंकार कर दिया।
मजिस्ट्रेट ने सुबह साढ़े 9 बजे से जेल अधीक्षक समेत घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ कर घटना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट
मृतक नीलू जगत का पोस्टमार्टम सिम्स में डॉक्टरों की टीम द्वारा किया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद वे शव लेकर कोटा क्षेत्र के ग्राम दबनपुर रवाना हो गए।
50 लाख मुआवजा और निष्पक्ष जांच की मांग
घटना से आक्रोशित मृतक के परिजन बुधवार दोपहर कोटा विधायक के नेतृत्व में कलेक्टोरेट पहुंचे। मृतक के दादा नारायण जगत, पिता देवलाल जगत, पत्नी और अन्य परिजनों ने प्रभारी कलेक्टर प्रकाश सर्वे को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में परिजनों ने मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस, जेल प्रशासन और न्यायिक जांच दल अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
