बिलासपुर। शहर के मंगला वार्ड क्रमांक 13 में पीलिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि वार्ड के कई घरों में बच्चे, युवा और बुजुर्ग पीलिया से पीड़ित हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास अभी तक प्रभावित मरीजों की पूरी जानकारी नहीं पहुंची है, क्योंकि कई लोग निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं या मेडिकल दुकानों से दवा लेकर स्वयं उपचार कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार मंगला बस्ती में पिछले कई दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है, जिसे पीलिया फैलने का प्रमुख कारण माना जा रहा है। कुछ परिवार इलाज के साथ झाड़-फूंक का भी सहारा ले रहे हैं। इससे बीमारी के वास्तविक आंकड़े स्वास्थ्य विभाग तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
इससे पहले भी पीलिया की शिकायत मिलने पर क्षेत्र के पार्षद रमेश पटेल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद मितानिनों के माध्यम से घर-घर सर्वे कराया गया था। जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी ने बताया कि मंगला में पहले भी पीलिया की शिकायत मिली थी, जिसमें मितानिनों ने दूषित पानी को संभावित कारण बताया था। उन्होंने कहा कि उसके बाद कोई नई सूचना नहीं मिली थी, लेकिन बुधवार को पूरे मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी।
कोटा में मलेरिया के दो नए मरीज मिले
इधर, कोटा विकासखंड के औरापानी तथा केंदा गांव में मलेरिया के दो नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। दोनों मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सिम्स रेफर किया गया है। इसके साथ ही जिले में मलेरिया मरीजों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों और बालक-बालिका छात्रावासों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बच्चों की जांच कर रही है। ग्रामीणों और विद्यार्थियों को आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जा रहा है तथा मच्छरों से बचाव और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई
जिला मलेरिया कार्यालय में बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले चार कर्मचारियों पर भी विभाग ने सख्ती दिखाई है। सोमवार से उन्हें जिला मलेरिया अधिकारी अपने साथ फील्ड में लेकर सर्वे कार्य में लगा रहे हैं। वहीं, एक महिला कर्मचारी को बिना सूचना गैरहाजिर रहने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दो अन्य कर्मचारियों को कोटा क्षेत्र के गांवों में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ सर्वे के लिए भेजा गया है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जहां भी मलेरिया की शिकायत मिले, वहां तत्काल पहुंचकर जांच और नियंत्रण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
क्या बोले अधिकारी
जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी ने कहा, “मंगला में पहले पीलिया की शिकायत मिली थी। मितानिनों ने दूषित पानी को इसकी वजह बताया था। इसके बाद कोई नई सूचना नहीं मिली। बुधवार को पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।”
