बिलासपुर। लंबे इंतजार के बाद बुधवार को मानसून ने बिलासपुर जिले में दस्तक दे दी, लेकिन इसके बावजूद शहरवासियों को बारिश का इंतजार करना पड़ा। मानसून की एंट्री के बावजूद पूरे दिन तेज धूप और उमस बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार बिलासपुर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पिछले डेढ़ दशक में यह तीसरा अवसर है जब मानसून ने बिलासपुर में इतनी देरी से प्रवेश किया है। इससे पहले वर्ष 2023 में मानसून 24 जून को और वर्ष 2018 में 26 जून को बिलासपुर पहुंचा था। इस बार भी मानसून की गति सामान्य से धीमी रही और जिले में इसकी एंट्री जून के अंतिम सप्ताह में दर्ज की गई।
इस वर्ष मानसून की शुरुआत ही विलंब से हुई। केरल में यह निर्धारित समय से चार दिन देर से पहुंचा और इसके बाद छत्तीसगढ़ में भी इसकी रफ्तार धीमी रही। 22 जून को मानसून ने बस्तर संभाग में प्रवेश किया, जहां अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि बिलासपुर में मानसून पहुंचने के बावजूद अपेक्षित वर्षा नहीं हुई।
बुधवार और गुरुवार को शहर में तेज धूप निकलने से गर्मी और उमस का असर बना रहा। शाम तक मानसून के जिले की सीमा में प्रवेश करने और प्रदेश के बड़े हिस्से को कवर करने की जानकारी मिली, लेकिन स्थानीय स्तर पर बारिश नहीं होने से लोगों को राहत नहीं मिल सकी।
अधिकांश वर्षों में 17 से 21 जून के बीच पहुंचा मानसून
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर में सामान्यतः मानसून 17 से 21 जून के बीच पहुंचता रहा है। वर्ष 2022 और 2025 में मानसून 17 जून, 2014 और 2016 में 19 जून तथा 2015, 2017 और 2024 में 21 जून को पहुंचा था। वहीं 2019 में 22 जून, 2023 में 24 जून और 2018 में 26 जून को मानसून ने दस्तक दी थी।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून के पहुंचने के बाद भी स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के कारण तत्काल बारिश नहीं हो पाती। विभाग ने गुरुवार को बारिश और गरज-चमक की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया था, लेकिन देर शाम तक शहर में वर्षा नहीं हुई।
अब लोगों की निगाहें अगले कुछ दिनों पर टिकी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसूनी गतिविधियां सक्रिय होने के साथ जिले में जल्द ही अच्छी बारिश की शुरुआत हो सकती है, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
