
बिलासपुर। महिलाओं के मध्य संवाद, विचार-विमर्श और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित “महिला संवाद एवं सशक्तीकरण कार्यक्रम – चाय पर चर्चा” शनिवार को होटल रीति रिवाज, सिपत चौक में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर सामाजिक सरोकारों, आत्मविकास और महिला नेतृत्व जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा की।

कार्यक्रम का आयोजन गार्गी फाउंडेशन की अध्यक्ष बिंदु सिंह कछवाहा के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा सकारात्मक मंच उपलब्ध कराना था, जहां वे अपने विचार साझा कर सकें, सामाजिक मुद्दों पर चर्चा कर सकें तथा नई संभावनाओं की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हों। कार्यक्रम का मूल संदेश था— “आइए, संवाद करें, विचार साझा करें और नई संभावनाओं की ओर बढ़ें।”
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भारवी वैष्णव ने महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सहभागिता और मातृशक्ति की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। भारवी वैष्णव वर्तमान में सीजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, रायपुर-बिलासपुर में प्रशासनिक अधिकारी हैं तथा धर्मजागरण समन्वय (मातृशक्ति कार्य) की प्रांत सह-संयोजिका और भारतीय स्त्री शक्ति, छत्तीसगढ़ की प्रांत सचिव के रूप में भी कार्यरत हैं।

विशिष्ट वक्ता रसिका पाण्डेय, पत्रकार एवं भारतीय स्त्री शक्ति की सदस्य ने महिलाओं की अभिव्यक्ति, जागरूकता और सामाजिक नेतृत्व की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए महिलाओं का संगठित और जागरूक होना आवश्यक है।
कार्यक्रम में अभिभावक के रूप में उपस्थित श्री गणेश जी, विभाग प्रचारक, बिलासपुर ने “राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका” तथा “माताओं के सृजन के अधिकार एवं उत्तरदायित्व” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि संस्कारित एवं सशक्त मातृशक्ति ही मजबूत समाज और राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने परिवार और समाज में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करते हुए मातृशक्ति को राष्ट्र के भविष्य के निर्माण की प्रमुख शक्ति बताया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

आयोजक बिंदु सिंह कछवाहा लंबे समय से विभिन्न सामाजिक एवं जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही हैं। महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित यह आयोजन निस्संदेह महिलाओं को एकजुट करने का प्रभावी मंच साबित हुआ। उपस्थित वक्ताओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि आज की युवा पीढ़ी तेजी से पाश्चात्य प्रभाव की ओर बढ़ रही है, ऐसे समय में इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम समाज, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ाव का सशक्त माध्यम बन सकते हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रतिभागियों ने गार्गी फाउंडेशन एवं आयोजन समिति की सराहना की।
