शशि मिश्रा

शादी का वादा कर वादा न निभाने और इसी बहाने अपनी वासना पूर्ति करने वाले प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसके खिलाफ बलात्कार का आरोप दर्ज हुआ है।
तोरवा थाने में शिकायत करते हुए क्षेत्र में रहने वाली युवती ने बताया कि सरकंडा अशोक नगर में रहने वाले 34 वर्षीय सूरज यादव से पिछले साल जून महीने में उसकी दोस्ती हुई थी। इसके बाद दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे। सूरज यादव ने उसे भरोसा दिलाया था कि समय आने पर वह युवती के साथ विवाह करेगा। बस इस दौर के चलन के आधार पर इसी भरोसे में दोनों शारीरिक संबंध बनाने लगे। करीब 1 साल तक युवक अपनी हवस मिटाता रहा लेकिन बाद में उसने विवाह से इनकार कर दिया ,जिसके बाद युवती ने अपने पूर्व प्रेमी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कर दी।
पुलिस ने बलात्कार के आरोप में सूरज यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि पूर्व में हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि आपसी सहमति से बने ऐसे संबंधों को बलात्कार नहीं कहा जा सकता। एक वयस्क महिला समझ सकती है कि उसके साथ क्या हो रहा है। अगर यह बलात्कार होता तो वह इसकी शिकायत पूर्व में भी करती लेकिन किसी उद्देश्य की प्राप्ति ना होने पर आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध को बलात्कार बताना एक प्रकार का ब्लैकमेल है। कल्पना कीजिए, अगर किसी कारण से यही युवती अपने बॉयफ्रेंड को धोखा दे देती है और उससे संबंध नहीं रखती है , जबकि दोनों पूर्व में शारीरिक संबंध बना चुके हो तो क्या फिर युवती के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई हो सकती है ? अगर नहीं तो फिर ऐसे ही संबंधो के बाद पुरुष के खिलाफ इतने गंभीर अपराध दर्ज होना समानता के अधिकार के खिलाफ भी है, क्योंकि भारत का संविधान धर्म, जाति लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करता। यह सब के लिए न्याय के मौलिक अधिकारों के भी खिलाफ है।
