घर-बाड़ी की तलाशी में मिली लकड़ी, भारतीय वन अधिनियम के तहत वन अपराध दर्ज

बिलासपुर। ग्राम बांधा में वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने एक घर और बाड़ी की तलाशी लेकर सागौन के 31 चिरान जब्त किए हैं। लकड़ी को बाड़ी में पैरा के नीचे छिपाकर रखा गया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद जब्त लकड़ी को कोटा स्थित विक्रय डिपो भेज दिया गया है। मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

वन विभाग के अनुसार, ग्राम बांधा में सागौन की लकड़ी रखे होने की सूचना मिलने पर उप वनमंडलाधिकारी टीआर मरई ने बिलासपुर वनमंडल के उड़नदस्ता प्रभारी वनक्षेत्रपाल रितु साहू को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद बांधा निवासी खम्हन सोनवानी के घर-बाड़ी की तलाशी के लिए वारंट जारी किया गया। तलाशी वारंट लेकर उड़नदस्ता दल तखतपुर वन परिक्षेत्र के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान बाड़ी में पैरा के नीचे छिपाकर रखे सागौन के 31 चिरान मिले, जिन्हें जब्त कर कोटा स्थित विक्रय डिपो भेज दिया गया।

अस्पताल में भर्ती थे खम्हन, बेटे को तामील कराया वारंट

वन विभाग के अनुसार, तलाशी वारंट खम्हन सोनवानी के नाम पर जारी किया गया था, लेकिन उनके अस्पताल में भर्ती होने के कारण उनके बेटे राजेश सोनवानी को वारंट तामील कराया गया। इसके बाद नियमानुसार घर-बाड़ी की तलाशी ली गई। मामले में 15 अक्टूबर 2026 को वन अपराध क्रमांक 17736/03 दर्ज किया गया है। भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई में उड़नदस्ता के सहायक प्रभारी लोकमणि त्रिपाठी, वनक्षेत्रपाल शिव कुमार नाग, उप वनक्षेत्रपाल संगीता तिर्की और हेमलता पात्रे, वनपाल सुनील कुमार जायसवाल और जॉन कनेडी तथा वनरक्षक अजय मिश्रा, कविता भारद्वाज, पार्वती तिग्गा और ऐम नागमणि शामिल रहे। दैनिक श्रमिक अमर वर्मा ने भी सहयोग किया।

वन विभाग फिलहाल जब्त लकड़ी की नाप-जोख और मूल्यांकन कर रहा है। इसके बाद ही सागौन की कुल मात्रा और अनुमानित कीमत स्पष्ट हो सकेगी।