बिलासपुर के चर्चित विराट अपहरण केस में दोषियों की उम्रकैद बरकरार, हाई कोर्ट ने खारिज की अपील

बिलासपुर के चर्चित विराट सराफ अपहरण कांड में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए सभी पांच दोषियों की उम्रकैद की सजा कायम रखी है। चीफ जस्टिस और जस्टिस की डिवीजन बेंच ने आरोपियों की अपील खारिज करते हुए इस घटना को समाज में भय पैदा करने वाला गंभीर अपराध बताया।

मामले के अनुसार, गोड़पारा निवासी नीता सराफ भारी कर्ज में डूबी हुई थी। कर्ज से छुटकारा पाने और पैसों के लालच में उसने अपने परिचित अनिल सिंह के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची। पहले आरोपियों ने एक अन्य रिश्तेदार के बच्चे को निशाना बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन उसके शहर से बाहर होने के कारण उन्होंने 9 वर्षीय विराट सराफ का अपहरण करने का फैसला किया। इस साजिश में सतीश शर्मा, राजकिशोर सिंह और हरेकृष्ण कुमार को भी शामिल किया गया।

20 अप्रैल 2019 की शाम विराट अपने दोस्तों के साथ घर के बाहर खेल रहा था, तभी बिना नंबर की सफेद कार में पहुंचे आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया। आरोपी हरेकृष्ण कुमार ने बच्चे का मुंह दबाकर उसे कार में खींच लिया। बाद में उसे रेलवे स्टेशन ले जाकर दूसरी कार में बैठाया गया और जरहाभाठा स्थित एक सूने मकान में बंधक बनाकर रखा गया।

अपहरण के अगले दिन विराट के पिता विवेक सराफ के पास 6 करोड़ रुपये की फिरौती के लिए फोन आया। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि रकम नहीं दी गई तो बच्चे की हत्या कर दी जाएगी। इसके बाद परिवार ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि विराट की चाची नीता सराफ पूरे समय परिवार के साथ रहकर पुलिस और परिवार की गतिविधियों की जानकारी अपने साथियों तक पहुंचाती रही।

आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। उन्होंने एक सब्जी विक्रेता से टॉर्च जलाने के बहाने मोबाइल लिया और उसका सिम कार्ड निकाल लिया। इसके बाद पुरानी दुकान से 700 रुपये में सेकेंड हैंड कीपैड मोबाइल खरीदकर उसी सिम का इस्तेमाल किया। इसी मोबाइल से फिरौती कॉल किए गए और कई दिनों तक विराट के घर के आसपास रेकी की गई।

आईजी के निर्देश पर गठित स्पेशल टीम ने फिरौती कॉल वाले नंबर को सर्विलांस पर लिया। जांच में लोकेशन यूपी, बिहार और बिलासपुर के बीच ट्रेस हुई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों का पता चला। इसके बाद 26 अप्रैल 2019 की सुबह पुलिस ने जरहाभाठा स्थित मकान पर छापा मारकर ताला तोड़ा और विराट को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से आरोपी हरेकृष्ण कुमार को भी गिरफ्तार किया गया, जो एग्जॉस्ट फैन के रास्ते भागने की कोशिश कर रहा था।

निचली अदालत ने मामले में शामिल सभी पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद सहित विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई थी। अब हाई कोर्ट ने भी उस फैसले को सही मानते हुए सभी अपीलों को खारिज कर दिया है।

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